उत्तरी प्रांत किरमानशाह के सीमावर्ती क्षेत्रों के दौरे के अवसर पर सिपाहे पासदरान के अधिकारियों और जवानों को संबोधित करते हुए ब्रिगेडियर जनरल हुसैन सलामी का कहना था कि ईरानी जनता के प्रतिरोध के परिणाम में दुश्मन बेबसी और राजनैतिक अवसाद का शिकार हो गये हैं।
उन्होंने कहा कि दुश्मन ने गठबंधन बनाकर ईरान पर राजनैतिक, आर्थिक और सैन्य दृष्टि से दबाव डालने का भरपूर प्रयास किया किन्तु आज दुश्मन के समस्त स्तंभों में कमज़ोरी और पतन को भलिभांति देखा जा सकता है।
जनरल सलामी ने दुश्मन के मुक़ाबले में ईरानी राष्ट्र की सफलताओं को वरिष्ठ नेता के मार्गदर्शन का परिणाम क़रार देते हुए कहा कि आज क्षेत्र में इस्लामी क्रांति के दृष्टिकोण के अनुसार इस्राईल को पराजित करने वाली सेना बन रही है।
आईआरजीसी के कमान्डर ने एक बार फिर यह बात बल देकर कहा कि दुश्मन क्षेत्र में झड़पों और युद्ध से बच रहा है किन्तु मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि यदि क्षेत्र में नया युद्ध छिड़ा तो ज़ायोनी शासन को सबसे अधिक ख़तरा रहेगा और उसे पतन से कोई नहीं बचा सकेगा।