जॅान बोल्टन ने फॅाक्स बिज़नेस से एक बातचीत में कहा है कि युरोपीय देश, रूस और चीन ईरान के साथ असैनिक परमाणु सहयोग कर सकते हैं।
याद रहे इस छूट की अवधि यदि अमरीका नहीं बढ़ाता तो उसे रूस, चीन और युरोप की उन कंपनियों के खिलाफ प्रतिबंध लगाना पड़ता जो ईरान के परमाणु कार्यक्रम में सहयोग कर रही हैं।
इस से पहले वाशिंग्टन पोस्ट ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया था कि पिछले सप्ताह अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस देश के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॅान बोल्टन तथा वित्तमंत्री स्टीवन मनुचिन के साथ एक बैठक में इस विषय पर चर्चा की थी।
रिपोर्ट के अनुसार माइक पोम्पियो और जॅान बोल्टन परमाणु प्रतिबंधों को भी लागू करने के पक्ष में थे जबकि अमरीकी वित्त मंत्री ने इसका विरोध किया।
वाशिंग्टन पोस्ट के अनुसार अमरीकी वित्तमंत्री स्टीवन मनुचिन ने इसका विरोध करते हुए कहा था कि यदि ईरान के खिलाफ प्रतिबंधों से परमाणु क्षेत्र को दी गयी छूट की अवधि बढ़ायी न गयी तो अमरीका उन सभी रूसी, चीनी और युरोपीय कंपनियों पर भी प्रतिबंध लगाने पर मजबूर होगा जिन्हें सन 2015 में परमाणु समझौते के बाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम में भाग लेने की अनुमति मिल गयी थी।
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 8 मई सन 2018 में जेसीपीओए से अमरीका के निकलने की घोषणा करते हुए ईरानी जनता के खिलाफ अमरीकी प्रतिबंधों को पुनः लागू कर दिया था।
इस्लामी गणतंत्र ईरान ने एक वर्ष तक संयम का प्रदर्शन करते हुए परमाणु समझौते की पूर्ण रूप से प्रतिबद्धता की किंतु इस समझौते से अमरीका के निकलने के एक वर्ष बाद ईरान ने इस समझौते के कुछ अनुच्छेदों का पालन रोक दिया है।