प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, जमाते इस्लामी पाकिस्तान ने पूरी दुनिया के मुसलमानों और विशेषकर मुस्लिम देशों से अपील की है कि, वे अमेरिका के षड्यंत्रों को सफल न होने दें। जमाते इस्लामी पाकिस्तान के उप प्रमुख प्रोफेसर इब्राहीम ख़ान ने कहा है कि एक ओर अमेरिका अफ़ग़ानिस्तान में फंस चुका है वहीं दूसरी ओर ईरान से भी तनाव में लगातार वृद्धि हो रही है, इसलिए अमेरिका अब इस प्रयास में है कि क्षेत्र के मुसलमानों को आपस में लड़ाकर वह अफ़ग़ानिस्तान से निकल जाए। उन्होंने कहा कि अब गेंद मुसलमानों के पाले में है। अगर मुस्लिम देश और नेता समझदारी से काम लेंगे तो अमेरिका की सभी साज़िशों को नाकाम बना सकते हैं और इस पूरे क्षेत्र में एक बार फिर शांति व स्थिरता को स्थापित कर सकते हैं।
जमाते इस्लामी के उप प्रमुख ने मुस्लिम देशों, विशेषकर अरब शासकों से अपील की, कि वे ईरान की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाएं और अपनी एकता से इस्लाम और मुसलमानों के दुश्मनों को पराजित करें। उन्होंने कहा कि हाल में तुर्की ने उसी समझदारी को दिखाते हुए ईरान और रूस के साथ मिलकर अमेरिकी साज़िशों को नाकाम किया। प्रोफेसर इब्राहीम ख़ान ने कहा कि वे सऊदी अरब से, जोकि अरब देशों में सबसे महत्वपूर्ण और उनका नृत्तव करने का दावा करता है, अपील करते हैं कि वह अमेरिका से अपनी दोस्ती बढ़ाने के बजाए ईरान के साथ अपने मतभेदों को समाप्त करके उसकी ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाए। उन्होंने कहा कि इस काम में तुर्की और पाकिस्तान अहम रोल अदा कर सकते हैं, जो उन्हें करना चाहिए।
जमाते इस्लामी के उप प्रमुख का कहना था कि ईरान और सऊदी अरब दोनों इस्लामी देश हैं और हमे इस बात पर पूरा विश्वास है कि अमेरिका कभी भी किसी भी इस्लामी देश को लाभ नहीं पहुंचाएगा। उन्होंने कहा कि ईरान और सऊदी अरब दोनों का फ़ायदा इसी में है कि वह आपस में बैठकर अपनी समस्याओं को स्वयं सुलझाएं। प्रोफेसर इब्राहीम ख़ान ने कहा कि ऐसा न हो कि अमेरिका, जो मुसलमानों के बीच फूट डालने के लिए जानबूझकर ईरान और सऊदी अरब के बीच जारी तनाव को हवा दे रहा है, अपने उद्देश्य में कामयाब हो जाए। उन्होंने कहा कि हम पूरी दुनिया के मुस्लिम देशों से भी अपील करते हैं चाहे वह पाकिस्तान हो और चाहे तुर्की, ईरान, सऊदी अरब, इराक़ और कोई भी हो, सब मिल बैठकर आपसी मतभेदों को समाप्त करें। जमाते इस्लामी के उप प्रमुख ने कहा कि अमेरिका कभी भी हमारी समस्याओं की समाप्ति नहीं चाहेगा, वह हमे और उलझाएगा तकि हमे आपस में लड़ाकर अपना उल्लू सीधा करता रहे।