13 जुलाई 2019 - 12:13
चीन ने अमरीका का एकपक्षीय प्रतिबंधों का विरोध कर दिया

चीन के विदेशमंत्रालय ने एक बार फिर ईरान के विरुद्ध अमरीका के ग़ैर क़ानूनी और एकपक्षीय प्रतिबंधों का विरोध किया है।

चीन के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता गैंग शुवांग ने पत्रकारों से बात करते हुए अमरीकी धमकी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान के साथ चीन के व्यापारिक संबंध पूर्ण रूप से क़ानूनी और तर्कसंगत हैं और बीजिंग अमरीका के ग़ैर क़ानूनी फ़ैसलों के सामने घुटने नहीं टेकेगा।

इससे पहले अमरीकी विदेशमंत्रालय की प्रवक्ता ने चीन को धमकी दी थी कि चूंकि चीन या कोई भी देश जो ईरान से तेल की ख़रीददारी करेगा उसे अमरीकी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा।

उनका कहना था कि ईरान सहित विश्व समुदाय के साथ चीन के व्यापारिक व आर्थिक संबंध, अंतर्राष्ट्रीय नियमों के अनुसार है जिसका सम्मान किए जाने की आवश्यकता है।

चीन के अधिकारियों ने बारम्बार कहा है कि वह अपने राष्ट्रीय हितों को पूरा करने और अपनी आवश्यकता की ऊर्जा की भरपाई करने के लिए अमरीकी दबावों के बावजूद ईरान के साथ आर्थिक संबंधों को जारी रखेंगे और वह वाइट हाऊस की धमकियों से भयभीत होने वाले नहीं हैं।

ईरान से तेल की ख़रीददारी जारी रखने पर चीन सरकार के नये बयान से पता चलता है कि हालिया वर्षों में ईरान से सबसे अधिक तेल ख़रीदने वाले और परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले देश के रूप में चीन, तेहरान के मुक़ाबले में अमरीका के एकपक्षीयवाद का विरोधी है। 

ऊर्जा बाज़ार के विशेषज्ञ जाॅन ड्रैक्सोल का कहना है कि चीन, अमरीकी धमकियों को महत्व नहीं देता और बीजिंग, नई दिल्ली के साथ मिलकर ईरान से सबसे अधिक तेल ख़रीदता है और अपने राष्ट्रीय हितों को दृष्टिगत रखते हुए ईरान के साथ आर्थिक संबंधों को जारी रखे हुए है।