तेहरान के इमामे जुमा ने कहा कि अमरीकी अधिकारियों में दरिंदगी और पाश्विकता पाई जाती है। उन्होंने तीन जूलाई 1988 में अमरीकियों द्वारा ईरान के यात्री विमान पर हमले की ओर संकेत करते हुए कहा कि अमरीकियों ने पूरी निर्लज्जता से यह भयानक अपराध अंजाम दिया।आयतुल्लाह मुहम्मद अली मोवह्हेदी किरमानी ने ईरान द्वारा संवर्धित यूरेनियम की मात्रा के 300 किलोग्राम तक बढ़ाए जाने की ओर संकेत करते हुए कहा कि जब भी आवश्यक होगा ईरान,शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए यूरेनियम के संवर्धन का स्तर बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु बम की कोई आवश्यकता नहीं है और तेहरान इसके निर्माण को अवैध समझता है।
तेहरान के इमामे जुमा ने स्पष्ट किया कि ज़ायोनी वास्तव में शीशे के घरों में रहते हैं। उन्होंने कहा कि अगर अमरीका और ज़ायोनियों की ओर से कोई ग़लत क़दम उठाया जाता है तो फिर ईरान, फ़ार्स की खाड़ी को उनके क़ब्रिस्तान में बदल देगा।