उन्होंने इस परिप्रेक्ष्य में अनेकेश्वरवादियों से विरक्तता को एक ज़रूरी व इस्लामी कर्तव्य बताया। उन्होंने इसके साथ ही बल दिया कि हज में धार्मिक-राजनैतिक संस्कार के साथ साथ ग़ैर धार्मिक-राजनैतिक व शैतानी गतिविधियां भी मौजूद हैं। जैसा कि हज के मौक़े पर अमरीकियों की आलोचना करने या अनेकेश्वरवादियों से विरक्तता को प्रकट करने से रोका जाता है।
हज के अवसर पर मुसलमानों की एकता का प्रदर्शन हज का सबसे अहम राजनैतिक आयाम है। इस अवसर पर मुसलमान अनेकेश्वरवादियों से विरक्तता के एलान के साथ इस्लामी जगत की महानता और ईश्वर की अनन्य शक्ति पर विश्वास को दुश्मनों के सामने पेश करते हैं। इस दृष्टि से हज इस्लामी जगत के स्वीकार्य योग्य विषयों ख़ास तौर पर फ़िलिस्तीन के विषय और इस्लामी जगत के ख़िलाफ़ धमकियों व दुश्मनियों से संबंधित तथ्यों का उल्लेख करने का बहुत अच्छा अवसर है।
मौजूदा हालात में इस्लामी देशों सहित क्षेत्र में अमरीका के हस्तक्षेप और उसकी दुष्ट मौजूदगी और तकफ़ीरी आतंकवादी गुट की स्थापना वे विषय हैं जो इस्लामी जगत के लिए मुश्किलें पैदा कर रहे हैं। इसलिए हज पर जाने वाले श्रद्धालुओं के कांधे पर इन ख़तरों के संबंध में इस्लामी जगत के दृष्टिकोण व संदेश को पहुंचाने की बड़ी ज़िम्मेदारी है