30 जून 2019 - 11:46
अमरीका के एकपक्षीय प्रतिबंध, अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था का दुरुपयोग

अमरीका के एकपक्षीय प्रतिबंध, अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था का दुरुपयोग

श्री बक़ाई ने स्पष्ट किया कि एकपक्षीय प्रतिबंधों पर अमरीका द्वारा अधिक से अधिक सहारा लेना, वाशिंग्टन द्वारा अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था का दुरुपयोग है। अमरीका द्वारा आर्थिक प्रतिबंधों के दुरुपयोग के रुझान के बावजूद किन्तु इन प्रतिबंधों के वास्तविक प्रभाव को विशेषज्ञ संदेह की नज़र से देख रहे हैं। संयुक्त राष्ट्रसंघ में ईरानी राजदूत मजीद तख्ते रवांची ने कहा है कि यूरोपीय देशों ने परमाणु समझौते को बाकी रखने की दिशा में कोई ठोस कार्य अंजाम नहीं दिया है।

उन्होंने कहा कि इंस्टेक्स बहुत सुन्दर गाड़ी की भांति है परंतु उसमें पेट्रोल नहीं है। तख्ते रवांची ने ईरान से यूरोप की विशेष व्यापारिक व्यवस्था इंस्टेक्स के बारे में कहा कि वर्तमान समय में इंस्टेक्स काफ़ी नहीं है।

इससे पहले ईरान के उप विदेशमंत्री और वरिष्ठ परमाणु वार्ताकार सैयद अब्बास इराक़ची ने कहा है कि 2015 के परमाणु समझौते को बचाने के लिए विएना बातचीत में प्रगति हुयी है लेकिन इस्लामी गणतंत्र की मांग अभी पूरी नहीं हुयी है।

उन्होंने शुक्रवार को ब्रिटेन, चीन, फ़्रांस, जर्मनी और रूस के वरिष्ठ कूटनयिकों के साथ लगभग 4 घंटे तक चली बातचीत के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा था कि यह आगे की ओर एक क़दम है, लेकिन काफ़ी नहीं है, इससे ईरान की अपेक्षा पूरी नहीं हुयी।

यह देखा गया है कि आर्थिक प्रतिबंध सामान्य रूप से देशों को नुक़सान पहुंचाते हैं किन्तु यह नुक़सान केवल उन देशों को ही नहीं होता जिनपर प्रतिबंध लगा हो बल्कि प्रतिबंध लगाने वाले देश भी इसकी चपेट में आते हैं। 

उदाहरण स्वरूप अमरीकी प्रतिबंध से सबसे पहले अमरीका की तेल कंपनियों को नुक़सान हुआ। आंकड़ों से पता चलता है कि लीबिया, सीरिया और ईरान पर अमरीकी प्रतिबंधों से वाशिंग्टन को प्रत्यक्ष रूप से प्रतिवर्ष सात अरब डाॅलर का नुक़सान हो रहा है और लगभग दो लाख नौकरियां समाप्त हो गयीं। अमरीका के एकपक्षीय प्रतिबंधों ने वैश्विक व्यापारिक व्यवस्था और अंतर्राष्ट्रीय नियमों के लिए भी गंभीर ख़तरा पैदा कर दिया है।