(ABNA24.com) ईरान की इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैय्यद अली ख़ामेनई ने ईरान और अमरीका के बीच तनाव चरम पर होने के बावजूद युद्ध की संभावना को ख़ारिज कर दिया है।
मंगलवार को तेहरान में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मुलाक़ात में वरिष्ठ नेता ने कहा, वाशिंगटन को पता है कि तेहरान के साथ युद्ध उसके हित में नहीं है।
उन्होंने कहा, अमरीका और ईरान के बीच सैन्य टकराव नहीं है, इसलिए दोनों के बीच युद्ध नहीं होने जा रहा है।
आयतुल्लाह ख़ामेनई का कहना था कि दुश्मन का मुक़ाबला करने के लिए ईरानी राष्ट्र ने प्रतिरोध के विकल्प को चुना है, इसलिए कि वर्तमान अमरीकी शासन के साथ वार्ता, ज़हर का घूंट पीने की तरह है।
वरिष्ठ नेत का कहना था कि दोनों पक्षों के बीच इरादों की लड़ाई है और अंततः इस लड़ाई में जीत ईरान की होगी। अमरीका के नेतृत्व में ईरान के दुश्मन यह सोचते हैं कि कड़े प्रतिबंध ईरान को नुक़सान पहुंचा सकते हैं, हालांकि इस्लामी गणतंत्र का फ़ौलादी ढांचा, जनता और अधिकारियों के साहस से मज़बूत है।
उन्होंने कहा, अमरीका के अलावा, फ़ार्स खाड़ी के क़ारूनों की दौलत से भी डरने की ज़रूरत नहीं है, इसलिए कि वे कुछ नहीं बिगाड़ पायेंगे।
अमरीका की सरकारी संस्थाओं की रिपोर्टों के मुताबिक़, 4 करोड़ 10 लाख अमरीकी भुखमरी का शिकार हैं, 40 प्रतिशत बच्चों का अवैध रूप से जन्म हुआ है, 22 लाख लोग जेलों में बंद हैं, सबसे अधिक लोग नशा करते हैं और अमरीका में विश्व की 31 प्रतिशत फ़ायरिंग की घटनाओं का उल्लेख करते हुए वरिष्ठ नेता ने कहा, कुछ लोग अमरीका को बहुत बड़ा, डरावना और ख़तरनाक करके पेश न करें, हालांकि दुश्मन की दुश्मनी के बारे में लापरवाही नहीं करनी चाहिए, लेकिन हक़ीक़त यह है कि अमरीका, विभिन्न समस्याओं से ग्रस्त है।
इसी प्रकार वरिष्ठ नेता ने कहा, यूरोपीयों के साथ हमारा कोई झगड़ा नहीं है, लेकिन उन्होंने अपने किसी वादे पर अमल नहीं किया, हालांकि निरंतर दावा करते रहे हैं कि हम जेसीपीओए के प्रति कटिबद्ध हैं।
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15 मई 2019 - 05:32
समाचार कोड: 941484
ईरान की इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैय्यद अली ख़ामेनई ने ईरान और अमरीका के बीच तनाव चरम पर होने के बावजूद युद्ध की संभावना को ख़ारिज कर दिया है।