पेरिस में कुछ प्रमुख फ्रांसीसी थिंक टैंक्स के अधिकारियों के साथ बैठक में ईरान के विदेश संबंधों की रणनैतिक परिषद के प्रमुख डॉक्टर कमाल खर्राज़ी ने परमाणु समझौते के अंतर्गत अपने वादों के क्रियान्वयन के बारे में यूरोप की आना-कानी की आलोचना करते हुए कहा कि जेसीपीओए के संबंध में यूरोप का राजनैतिक रुख़ को उसी समय मूल्यवान होगा जब उसका कोई व्यवहारिक परिणाम निकले। उन्होंने इसी तरह परमाणु समझौते के अंतर्गत ईरान द्वारा स्वेच्छा से किए गए कुछ वादों के क्रियान्वयन को रोकने के फ़ैसले के बारे में कहा कि ईरान का फ़ैसला, उस अधिकार के अंतर्गत है जो उसे परमाणु समझौते ने प्रदान किया है।
ईरान के विदेशी संबंधों को रणनैतिक परिषद के प्रमुख ने ईरान से वार्ता की अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प के प्रस्ताव के बारे में कहा कि यह केवल प्रचारिक हथकंडा है और ट्रम्प के परमाणु समझौते से निकलने और ईरानी राष्ट्र के ख़िलाफ़ अत्याचारपूर्ण प्रतिबंध लगाने से वार्ता की कोई गुंजाइश नहीं बची है। डाक्टर कमाल ख़र्राज़ी ने फ़्रान्स के पूर्व विदेश मंत्री एरवे दोशार्त और इस देश की संसद के विदेशी संबंध आयोग के प्रमुख मेरिल डी सारेन्ज़ से भी विचार विमर्श किया।