पिछले साल मई महीने में अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने परमाणु समझौते से बाहर निलकने की घोषणा की थी और साथ ही ईरान पर नए प्रतिबंध लगाए। अमरीकी राष्ट्रपति ने अन्य देशों को धमकी दी कि यदि वह ईरान के साथ व्यापार करते हैं तो उन पर भी अमरीका की ओर से प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।
इस्लामी गणतंत्र ईरान ने अमरीका की ओर से उठाए गए इस ग़ैर क़ानूनी क़दम के जवाब में कुछ क़दम उठाने की योजना बनाई है जिसकी घोषणा बुधवार को की जाएगी।
परमाणु समझौते से अमरीका के बाहर निकल जाने के बावजूद ईरान इस समझौते का पालन करता रहा और इसकी पुष्टि अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी आईएईए तथा यूरोपीय देशों ने भी की। ईरान ने इसके साथ ही यह घोषणा भी कर दी थी कि यदि परमाणु समझौते में बाक़ी रह जाने वाले देश कोई एसी व्यवस्था करते हैं जिससे अमरीका के फ़ैसले से ईरान को होने वाले नुक़सान की भरपाई जो जाए तो ईरान इस समझौते में बाक़ी रहेगा वरना तेहरान सरकार कोई फ़ैसला करेगी।
समाचार एजेंसी इसना के अनुसार ईरान की सरकार परमाणु समझौते के आर्टिक 26 और 36 के तहत जवाबी कार्यवाही करने पर विचार कर रही है अर्थात ईरान इस समझौते से बाहर नहीं निकलेगा लेकिन परमाणु समझौते के तहत उसने जो परमाणु गतिविधियां रोक दी थीं उनमें से कुछ को वह पुनः शुरू कर देगा।