ओमान को गैस के निर्यात का विषय कई साल पहले से चल रहा है और अभी तक यह व्यवहारिक नहीं हुआ है। यह विषय भी ईरान के पेट्रोलियम मंत्री के ओमान दौरे की बातचीत में शामिल है।
ईरान-ओमान संबंध भूरणनैतिक व आर्थिक स्थिति की वजह से बहुत अहमियत रखते हैं।
इस बात में शक नहीं कि अमरीका परमाणु समझौते जेसीपीओए से निकलने के बाद क्षेत्र की शांति व स्थिरता को ख़राब करने के लिए जो भड़काउ कार्यवाही कर रहा है उससे क्षेत्रीय देशों की अर्थव्यवस्था व सुरक्षा को ख़तरा है। यह विषय ओमान के लिए इसलिए अहमियत रखता है कि उसने परमणु वार्ता को अंजाम तक पहुंचाने के लिए अपना रोल निभाया था।
अनुभव दर्शाता है कि ईरान और ओमान के बीच, हुर्मुज़ जलडमरू मध्य के दोनों किनारों पर स्थित दो पड़ोसी देश के रूप में सहयोग, क्षेत्र के सुरक्षा व स्थिरता जैसे मामलों में प्रभावी रहा है। यही वजह है कि राजनैतिक टीकाकार हुर्मुज़ जलडमरू मध्य में सुरक्षा के बने रहने में इन संबंधों को बहुत अहम मानते हैं। इस समय भी ईरान के पेट्रोलियम मंत्री के मस्क़त दौरे पर ऊर्जा की आपूर्ति के विषय पर दोनों देशों के अधिकारियों के बीच बातचीत यह दर्शाती है कि तेहरान-मस्क़त दुश्मनों की फूट डालने की नीति के बावजूद आपसी संबंधों को मज़बूत बनाने का संकल्प रखते हैं।