21 अप्रैल 2019 - 13:34
आयतुल्लाह सीस्तानी का फ़तवा विजय का आरंभिक बिन्दु थाः अब्दुल मेहदी

इराकी प्रधानमंत्री ने बल देकर कहा है कि आयतुल्लाह सीस्तानी का फ़तवा आतंकवादी गुट दाइश को करारा जवाब देने और उस पर विजय प्राप्त करने का आरंभिक बिन्दु था।

हमारे संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार इराकी प्रधानमंत्री आदिल अब्दुल मेहदी ने आयतुल्लाह सीस्तानी के एतिहासिक फ़तवे की वर्षगांठ पर एक विज्ञप्ति जारी की और कहा कि लाखों इराकियों ने इस फ़त्वे पर लब्बैक कहा कि यह इराक की सुरक्षा की दिशा में मज़बत कदम सिद्ध हुआ।

उन्होंने कहा कि इराकी संघर्षकर्ताओं ने सुन्दर मानवीय इतिहास की रचना की और अपने देश, क्षेत्र और विश्व को दाइश के आतंकवादी ख़तरे से मुक्ति दिलाई।

ज्ञात रहे कि आयतुल्लाह सीस्तानी ने इराक पर दाइश के हमला करने और वर्ष 2014 में मोसिल नगर पर दाइश का कब्ज़ा हो जाने के बाद जेहाद का फतवा दिया जिसके नतीजे में लगभग 10 लाख इराकियों ने इस देश के सुरक्षा बलों के साथ मिलकर संघर्ष किया और आतंकवादी गुट दाइश का इराक से अंत कर दिया।

आतंकवादी गुट दाइश ने अमेरिका और सऊदी अरब जैसे उसके घटकों के समर्थन से 2014 में इराक पर हमला किया था और इस देश के उत्तरी और पश्चिमी भाग के काफी बड़े क्षेत्र पर कब्ज़ा कर लिया था और दाइश ने जिन क्षेत्रों पर कब्ज़ा किया था वहां उसने अनगिनत अपराध अंजाम दिया।

इसके बाद इराक ने ईरान का आह्वान किया था कि वह आतंकवादियों से मुकाबले में उसकी सहायता करे।

इराकी सुरक्षा बलों ने ईरान की सैन्य परामर्श सहायता से 17 नवंबर 2017 को इराक के अलअंबार प्रांत में दाइश के अंतिम गढ़ रावे शहर को आज़ाद करा लिया और इस शहर पर कब्ज़े के बाद इराक से व्यवहारिक रूप से दाइश का अंत हो गया।