इस रैली के अंत में एक बयान में बल दिया गया कि अमरीका का सत्ताधारी हल्क़ा यमन, नाईजीरिया, फ़िलिस्तीन, अफ़ग़ानिस्तान, सीरिया और इराक़ में मानवता विरोधी अपराध की वजह से सरकारी आतंकवाद व आतंकवाद के संरक्षण का प्रतीक है।
शुक्रवार की रैली में ईरानी जनता ने साम्राज्यवादी-ज़ायोनी अत्याचार की पीड़ा झेल रहे देशों और राष्ट्रो को ईरान की ओर से हर तरह के निरंतर समर्थन को अपना क्रान्तिकारी व मानवीय कर्तव्य बताया।
अमरीकी सरकार ने 8 अप्रैल 2019 को अंतर्राष्ट्रीय मानदंड के ख़िलाफ़ क़दम उठाते हुए आईआरजीसी को कथित आतंकवादी संगठन की सूचि में शामिल किया।
यद्यपि इस तरह के क़दम की राजनैतिक व सैन्य दृष्टि से कोई अहमियत नहीं है और अंतर्राष्ट्रीय मानदंड के अनुसार इसकी कोई वैधिता नहीं है, लेकिन इसके बाद भी अमरीका की ओर से एक नई बुरी परंपरा की शुरुआत क्षेत्र सहित दुनिया की सुरक्षा के लिए ऐसी घटनाओं का कारण बन सकती है जिनके बारे में पहले से अनुमान नहीं लगाया जा सकता।
राजनैतिक टीकाकार की नज़र में, अमरीका ने आईआरजीसी को आतंकवादी गुट की लिस्ट में शामिल कर ईरान के लिए चुनौती खड़ी करने से ज़्यादा अपने लिए बड़ी चुनौती खड़ी की है। अमरीकी पत्रिका फ़ॉरेन पॉलिसी ने आईआरजीसी की शक्ति का लोहा मानते हुए लिखा है कि ईरान अगर अभी अमरीकी सैनिकों के ख़िलाफ़ तनाव बढ़ाने का फ़ैसला कर ले तो उसके पास अनेक विकल्प मौजूद हैं।
जैसा कि ईरान की थल सेना के कमान्डर ब्रिगेडियर जनरल म्यूमरस हैदरी ने कहा है कि अमरीका, ज़ायोनी और अरबी-हिब्रू संगठन को बताना चाहता हूं कि आईआरजीसी के ख़िलाफ़ ट्रम्प का क़दम मूर्खतापूर्ण था जिससे पूरी दुनिया में अमरीकी सुरक्षा, ख़ास तौर पर अमरीकी सेन्ट्रल कमान की सुरक्षा हमेशा के लिए ख़तरे में पड़ जाएगी।