5 अप्रैल 2019 - 12:47
क्रान्ति पूरी शक्ति के साथ ज़ायोनी शासन की सीमा तक पहुंच गयी हैः अबु तुराबी फ़र्द

तेहरान के जुमे के इमाम ने कहा है कि क्रान्ति पूरी शक्ति के साथ ज़ायोनी शासन की सीमा तक पहुंच गयी है।

हुज्जतुल इस्लाम सय्यद मोहम्मद हसन अबू तुराबी फ़र्द ने जुमे की नमाज़ के विशेष भाषण में कहा कि इस्लामी क्रान्ति अपने सिद्धांत पर डटी हुयी है, हर दिन वह साम्राज्यवादी शक्तियों के मुक़ाबले में नए नए मोर्चे को फ़त्ह रही है और ईरान की सीमा से निकल कर पूरी शक्ति के साथ ज़ायोनी शासन की सीमा तक पहुंच गयी है।

संवाददाता के अनुसार, सय्यद मोहम्मद हसन अबू तुराबी फ़र्द ने इस्लामी क्रान्ति की आकांक्षाओं के प्रति ईरानी राष्ट्र की दृढ़ता की ओर इशारा करते हुए कहा कि यह विषय इस्लामी गणतंत्र व्यवस्था की उन्नती और शक्ति में निर्णायक तत्व की हैसियत रखता है।

उन्होंने कहा कि आज इस्लाम की यह शक्ति और अपनी पहचान की ओर वापसी की भावना इराक़ी मुसलमानों में नज़र आ रही है और इसने राष्ट्र के वास्तविक प्रतिनिधियों के लिए मंच पर उपस्थिति का रास्ता समतल कर दिया है।

अबू तुराबी फ़र्द ने कहा कि इस मूल्यवान मौजूदगी की वजह से अमरीकी राष्ट्रपति इराक़ में 7 ट्रीलियन डॉलर ख़र्च करने के बाद इस देश में अपनी फ़ोर्सेज़ के निरीक्षण के लिए गुप्त रूप से रात में जाते और रात ही में वापस लौट जाते हैं।

तेहरान के जुमे के इमाम ने कहा कि आज सीरिया, लेबनान और यमन के राष्ट्रों ने राष्ट्रों के संकल्प पर निर्भर राजनैतिक व्यवस्था को लागू करने का रास्ता समतल किया है और यह इस्लामी क्रान्ति की सबसे बड़ी उपलब्धि है।

हुज्जतुल इस्लाम अबू तुराबी फ़र्द ने अपने भाषण के दूसरे भाग में देश के विभिन्न प्रांतों में बाढ़ प्रभावित लोगों को मदद पहुंचने की ओर इशारा करते हुए कहा कि यह भलाई, मदद और अपने भाई बहनों की सेवा की मिसाल है। उन्होंने इस बात का उल्लेख करते हुए कि पुश्ता बनाने से बाढ़ से होने वाला नुक़सान यथासंभव कम हुआ है, कहा कि सेना और आईआरजीसी के जवानों की मौजूदगी तथा विभिन्न फ़ोर्सेज़ की तय्यारी व संगठनात्मक कोशिश से बाढ़ पीड़ितों को  मदद पहुंचाने में आसानी हुयी।