29 मार्च 2019 - 18:05
न्यूज़ीलैंड की प्रधानमंत्री बन गईं आशा का केन्द्र, चीन में मुसलमानों से हो रहे बर्ताव के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने की मांग

न्यूज़ीलैंड की प्रधानमंत्री ने हालिया आतंकी हमलों के बाद जिस अंदाज़ से हालात को डील किया उसे देखते हुए अब लोगों ही नहीं बल्कि अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं की उम्मीदें भी उनसे जुड़ गई हैं।

ह्यूमन राइट्स वाच ने जैसिंड आर्डर्न से अपील की है कि वह अगले हफ़्ते चीन का दौरा करें तो वहां चीनी सरकार की ओर से मुसलमानों के साथ किए जा रहे ग़लत बर्ताव पर अपनी चिंता भी ज़रूर जताएं।

आर्डर्न आगामी मंगलवार को चीन का दौरा करने वाली हैं। इस दौरे से पहले ह्यूमन राइट्स वाच की ओर से कहा गया है कि आतंकी हमलों के बाद जैसिंड आर्डर्न ने मुसलमानों के अधिकारों की रक्षा में स्पष्ट स्टैंड लिया और बीजिंग में भी उन्हें अपनी इसी शैली को जारी रखना चाहिए।

ज्ञात रहे कि मस्जिदों पर होने वालों हमलों के बाद आर्डर्न ने अपना चीन दौरा संक्षिप्त कर दिया है।

चीन में हिरासती कैंपों में हज़ारों मुसलमानों को बग़ैर किसी आरोप के क़ैद किया गया है जिनके बारे में रिश्तेदारों और पूर्व क़ैदियों का दावा है कि उन्हें शारीरिक यातनाओं का सामना करना पड़ता है और इस्लाम छोड़ने पर मजबूर किया जाता है।

ह्यूमन राइट्स वाच की ओर से कहा गया है कि आर्डर्न को  चाहिए कि वह सार्वजनिक रूप से चीनी नेताओं से इन कैंपों को बंद करने, शारीरिक यातनाएं रोकने की मांग करें और कहें कि आज़ाद पर्यवेक्षकों को सिंकियांग इलाक़े तक पहुंचने की अनुमति दी जाए।