यमन क्रांति की उच्च समिति के प्रमुख मोहम्मद अली अल-हौसी ने बुधवार को एसोशिएटेड प्रेस से बात करते हुए कहा, यमन शांति की स्थापना और पूर्ण युद्ध विराम के लिए तैयार है, लेकिन अगर सऊदी अरब ने यमनी जनता के सिरों पर बम गिराने बंद नहीं किए तो उसे मुंह तोड़ जवाब दिया जाएगा।
अल-हौसी का कहना था कि शांति समझौते का उद्देश्य अतिक्रमणकारियों के हमलों और घेराबंदी के कारण देश में जारी भुखमरी से यमनी जनता को मुक्ति दिलाना है।
यमन में युद्ध विराम और शांति की स्थापना करने वाले देशों से उन्होंने कहा कि सऊदी अरब और उसके घटक देशों पर यमन के ख़िलाफ़ हमले बंद करने के लिए दबाव डालें।