जर्मनी ने लेबनान के प्रतिरोध आंदोलन हिज़्बुल्लाह को ब्रिटेन द्वारा आतंकवादी संगठन की संज्ञा दिए जाने का अनुसरण करने से इंकार कर दिया है हालांकि इस संबंध में उस पर अमरीका और सऊदी अरब ने काफ़ी दबाव डाला है।
शुक्रवार को जर्मन विदेश मंत्री नील्ज़ ऐनन ने अपने लेबनान दौरे के बाद, साप्ताहिक पत्रिकार डेर स्पीगल से इंटरव्यू में यह एलान किया।
उन्होंने लेबनान के समाज में हिज़्बुल्लाह को उपयुक्त तत्व बताते हुए कहा कि जर्मनी लेबनान में स्थिरता चाहता है।
बर्लिन ने यह फ़ैसला ऐसी स्थिति में लिया है जब अमरीका और सऊदी अरब अपने घटकों पर लेबनान के प्रतिरोध आंदोलन पर पाबंदी लगाने के लिए दबाव डाल रहे हैं।
जर्मन विदेश मंत्री नील्ज़ ऐनन ने अमरीका की उस आलोचना को ख़ारिज कर दिया जिसमें अमरीका ने कहा था कि क्षेत्र में ईरान के प्रभाव को रोकने के लिए जर्मनी ने बहुत कम प्रयास किए है। जर्मन विदेश मंत्री ने कहा कि उनके देश की विदेश नीति कठिन हालात में भी राजनैतिक समाधान निकालने पर केन्द्रित है।
ब्रितानी सरकार ने पिछले महीने पूरे हिज़्बुल्लाह संगठन को जिसमें उसकी राजनैतिक व सैन्य शाखा दोनों शामिल है, आतंकवादी संगठन की संज्ञा दी। इससे पहले ब्रिटेन ने हिज़्बुल्लाह की सैन्य शाखा को आतंकवादी गुट के रूप में प्रतिबंधित किया था।
हिज़्बुल्लाह ने ब्रिटिश सरकार के इस क़दम की कड़ी आलोचना करते हुए इसे लेबनानी राष्ट्र का अपमान बताया था।