सारा सेंडर्ज़ ने अपने ट्वीटर पेज पर लिखा है कि ओबामा, ईरान के साथ हुए एक बुरे समझौते से नहीं निकले लेकिन ट्रम्प इस तरह की ग़लती नहीं करेंगे चाहे वह ईरान के बारे में हो, उत्तरी कोरिया के बारे में हो या किसी भी अन्य देश के बारे में हो। उन्होंने दावा किया कि अमरीकी राष्ट्रपति हमेशा अपने देश की जनता की सुरक्षा और उसकी जान को राजनीति पर प्राथमिकता देते रहेंगे। उन्होंने गुरुवार को दोनों देशों की वार्ता के किसी परिणाम के बिना ही समाप्त होने के बाद एक बयान में कहा था कि दोनों पक्ष किसी समझौते पर पहुंचे बिना ही वियेतनाम की राजधानी हनोई में वार्ता स्थल से रवाना हो गए हैं।
उधर उत्तरी कोरिया के विदेश मंत्री ने हनोई वार्ता के विफल रहने के बारे में अमरीकी राष्ट्रपति के दावों को रद्द कर दिया है। री योंग हो ने ट्रम्प के इस दावे को ग़लत बताया कि उत्तरी कोरिया सभी प्रतिबंधों की एक साथ समाप्ति चाहता था। उन्होंने कहा कि शिखर वार्ता में उत्तरी कोरिया संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद की ओर से लगाए गए कुछ प्रतिबंधों को समाप्त करवाना चाहता था जिनसे इस देश की अर्थव्यवस्था और जनता का जीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि इसके मुक़ाबले में उत्तरी कोरिया ने न्योंग ब्योन के संपूर्ण परमाणु प्रतिष्ठान को समाप्त करने की पेशकश की थी। उत्तरी कोरिया के विदेश मंत्री ने बताया कि अमरीका चाहता था कि प्योंगयांग परमाणु निरस्त्रीकरण के संबंध में अधिक क़दम उठाए और इसी कारण दोनों देशों के बीच कोई सहमति न हो सकी।