पैग़म्बरे इस्लाम की सुपुत्री हज़रत फ़ातेमा ज़हरा सलामुल्लाह अलैहा के शुभ जन्म दिवस के अवसर पर कुछ शायरों और वक्ताओं ने मंगलवार को इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता से मुलाक़ात की।

इस मुलाक़ात में इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने कहा कि पिछले चालीस वर्षों के दौरान,दुश्मन इस्लामी क्रांति के मुक़ाबले में समस्त क्षमताओं और संभावनाओं से लामबंद हुए और उन्होंने नुक़सान पहुंचा किन्तु ईरानी राष्ट्र ने ईश्वर पर भरोसा करते हुए तथा अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए इन षड्यंत्रों में सफल हुए और इस समय हर चरण से अधिक शक्तिशाली है किन्तु दुश्मनों का मोर्चा अतीत के कालों की तुलना में अधिक कमज़ोर हुआ है।

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने कहा कि आज सत्य और असत्य का लामबंद होना, वही पैग़म्बरे इस्लाम और इमामों के काल का लामबंद है और जिस तरह से उस काल में असत्य का मोर्चा लोगों की भारी संख्या और लैस होने तथा ज़बरदस्त प्रोपेगैंडों के बावजूद तबाह हो गया आज भी इस्लामी क्रांति के मुक़ाबले वाले मोर्चे की प्रतीक्षा में वही भविष्य है, दुश्मन से भयभीत नहीं होना चाहिए और हिसाब किताब में ग़लती नहीं करनी चाहिए।
वरिष्ठ नेता ने धार्मिक वक्ताओं और शायरों को इस्लामी व क्रांति के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने का भंडार और पूंजी क़रार दिया और कहा कि इस पूंजी से हुसैनी और फ़ातेमी लक्ष्यों तथा क्रांति की शिक्षाओं को बयान के लिए लाभ उठाया जाना चाहिए।
इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने परिवार के विषय के महत्व की ओर संकेत करते हुए कहा कि परिवार व्यवस्था, एक ईश्वरीय परंपरा है किन्तु मानवता के दुश्मनों ने जो अंतर्राष्ट्रीय और ज़ायोनी पूंजीवादी धड़े हैं, दुनिया में परिवार इकाई को तबाह करने का इरादा कर लिया है इसीलिए समाज में परिवार की व्यवस्था और इसके स्तंभों की रक्षा और उसे मज़बूत बनाने के लिए प्रयास किए जाएं।