उन्होंने कहा कि ईरान के विरुद्ध ख़तरे हमेशा पाए जाते रहे हैं इसलिए इस्लामी गणतंत्र ईरान की सशस्त्र सेनाओं की रक्षा क्षमताओं और योग्यताओं को हर समय मज़बूत किए जाने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि इन सैन्य अभ्यासों के दौरान जितने भी हथियार और सैन्य उपकरण पेश प्रयोग किए जा रहे हैं वह सब ईरान के रक्षा उद्योग के विशेषज्ञों द्वारा ही तैयार किए हुए हैं।
ज्ञात रहे कि ईरानी नौसेना का विलायत-97 नामक सैन्य अभ्यास शुक्रवार को फ़ार्स की खाड़ी के हुर्मुज़ जलडमरू के पूरब से ओमान सागर तक 20 लाख वर्गकिलोमीटरर के क्षेत्र में शुरु हुआ है जो रविवार तक जारी रहेगा।