तेहरान के इमामे जुमा हुज्जतुल इस्लाम मुहम्मद जवाद हाज अली अकबरी ने इस जुमे की नमाज़ के भाषण में इस्लामी क्रांति की सफलता की 40वीं वर्षगांठ के अवसर पर देश व्यापी रैलियों में युवा पीढ़ियों की असमान्य उपस्थिति को आश्चर्यजनक क़रार देते हुए कहा कि क्रांति के जश्न की रैलियों में ईरानी जनता ने एतिहासिक रूप से भाग लेकर शैतानों और दुश्मनों के मुंह पर ज़ोरदार तमाचा रसीद किया।
उन्होंने कहा कि ईरानी जनता ने 11 फ़रवरी को इस्लामी क्रांति की वर्षगांठ की रैलियों में सामाजिक ईश्वरीय भय का शानदार दृश्य पेश किया।
उन्होंने कहा कि ईरानी राष्ट्र वह राष्ट्र है जिसने अपने दौर के फ़िरऔनों और साम्राज्य के चंगुल से स्वयं को स्वतंत्र कराया और स्वतंत्रता तथा स्वाधीनता की विभूति से लाभान्वित हुआ।
तेहरान के इमामे जुमा ने इस बात का उल्लेख करते हुए कि आज ईरान की जनता विकास और प्रगति के उच्चतम स्थान पर है, कहा कि ईरान की जनता ने मीडिया के ज़बरदस्त प्रोपेगैंडों, दुश्मनों की दुश्मनियों, प्रतिबंधों और कठिन आर्थिक स्थिति के बावजूद 11 फ़रवरी को एक शानदार इतिहास रच दिया और सबने ईरानी राष्ट्र के इस भव्य और गौरवपूर्ण कारनामे को स्वीकार भी किया।
तेहरान के इमामे जुमा ने इस्लामी क्रांति की सफलता की 40वीं वर्षगांठ के अवसर पर दूसरा क़दम के अंतर्गत वरिष्ठ नेता के महत्वपूर्ण और रणनैतिक बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने पिछले 40 वर्षों के दौरान सिद्धांतों की रक्षा के लिए की गयी कार्यवाहियों, क्रांति के मार्गों और इसी प्रकार वर्तमान स्थिति तथा क्रांति के सामने मौजूद रास्ते को एक स्पष्ट रोडमैप में बयान करके उसे राष्ट्र के हवाले कर दिया।