एक इंटरव्यू में ब्रिगेडियर जनरल कियोमर्स हैदरी ने उल्लेख किया कि इस्फ़हान प्रांत में आयोजित गया गया हालिया दो दिवसीय सैन्य अभ्यास संरचनात्मक परिवर्तन पर ही आधारित है, जिसमें नई रणनीति आक्रामक रुख़ पर ध्यान केन्द्रित किया गया।
ईरानी जनरल का कहना था कि ईरानी बलों ने इतनी अधिक रक्षात्मक शक्ति हासिल कर ली है कि अब ईरानी सेना ने असममित युद्ध या एसेमेटरिक वार की रणनीति छोड़कर आक्रामक मुद्रा अपना ली है।
जनरल हैदरी ने कहा, हमारी मूल सिद्धांत रक्षात्मक शक्ति पर आधारित है। सैन्य विशेषज्ञों ने देश में अब इतने आधुनिक उपकरण विकसित कर लिए हैं कि सैन्य उद्गोय के क्षेत्र में किसी तरह की कोई समस्या नहीं है।
ग़ौरतलब है कि ईरानी थल सेना ने पिछले हफ़्ते शुक्रवार और शनिवार को सैन्य अभ्यास किया था, जिसमें 12000 सैनिकों ने भाग लिया था।