20 जनवरी 2019 - 13:36
क्या ट्रम्प रूस के जासूस हैं? यदि आरोप सही है तो रूसी इंटेलीजेन्स ने उनकी भर्ती कैसे की? न्यूयार्क टाइम्ज़ ने मूलेर की जांच पूरी

इन दिनों अमरीका के मुख्य संचार माध्यम जिस मुद्दे पर सबसे अधिक ध्यान दे रहे हैं वह सीरिया के सीमावर्ती इलाक़े मिन्बिज में पांच अमरीकी सैनिकों की हत्या नहीं है और न ही यह मुद्दा है कि अमरीकी सैनिकों पर इस हमले के नतीजे में अमरीका सीरिया से अपने सैनिकों को बाहर निकालने की प्रक्रिया टाल देगा या उसमें और भी जल्दी करेगा?

अमरीकी मीडिया का ध्यान सबसे अधिक इस मुद्दे पर केन्द्रित है कि कहीं राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प रूस के एजेंट तो नहीं हैं?

यह सवाल तब और प्रबल रूप से उठने लगा है जब न्यूयार्क टाइम्ज़ ने यह रिपोर्ट लीक कर दी कि एफ़बीआई ने वर्ष 2017 में औपचारिक रूप से यह जांच शुरू कर दी है कि कहीं अमरीकी राष्ट्रपति रूस के हितों की रक्षा के लिए उसके एजेंट के रूप में काम तो नहीं कर रहे हैं। एफ़बीआई ने इस संदर्भ में कई बिंदुओं को अपने इस संदेह का आधार बनाया है।

पहली चीज़ है एफ़बीआई के प्रमुख जेम्ज़ को हटाया जाना जिसके नतीजे में इस संदर्भ में कुछ संदेह उत्पन्न हुए। इसके बाद पूर्व न्याय मंत्री जेफ़ शेन्ज़ ने ख़ुद को विशेष जांचकर्ता राबर्ट मुलेर की जांच से अलग कर लिया। राबर्ट मुलेर अमरीका के राष्ट्रपति चुनावों में रूस के हस्तक्षेप, ट्रम्प पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप और ट्रम्प के चुनावी कैंपेन तथा मास्को के बीच किसी प्रकार की सांठ गांठ की जांच कर रहे हैं।

संदेह का दूसरा कारण यह है कि डोनल्ड ट्रम्प ने जुलाई 2018 में हेलसिंकी में रूस के राष्ट्रपति व्लादमीर पुतीन से होने वाली अपनी बातचीत की डिटेल छिपा ली और वह रूसी राष्ट्रपति के साथ एसे खड़े नज़र आए जैसे कोई शिष्य अपने गुरू के साथ खड़ा होता है। वार्ता का ब्योरा छिपाने की वजह से कई सवाल खड़े हो गए। ट्रम्प ने जो चीज़ें नोट की थीं उन्हें भी उन्होंने नष्ट कर दिया कि वाइट हाउस में किसी भी अधिकारी को उसकी जानकारी न हो सके।

संदेह का तीसरा कारण है उनके वकील का गुप्त रूप से मास्को में न्यूयार्क की तरह ट्रम्प टावर के निर्माण के लिए मास्को के अधिकारियों से गुप्त रूप से संपर्क स्थापित करना।

संदेह का चौथा कारण है ट्रम्प के दामाद जेयर्ड कुशनर का रूसी इंटेलीजेन्स से ट्रम्प के चुनावी कैंपेन के बारे में ख़ुफ़िया संपर्क करना।

संदेह का पांचवां कारण है ट्रम्प से हर मुलाक़ात में रूसी राष्ट्रपति पुतीन की विशेष प्रकार की अर्थपूर्ण मुस्कुराहट। इससे दोनों के बीच विशेष प्रकार के संबंध का अनुमान लगाया जाता है।

छठां कारण है नैटो को ध्वस्त करने और यूरोपीय घटकों से संबंधों को ख़राब करने तथा पश्चिमी लोकतंत्र को समाप्त करने की ट्रम्प की कोशिश।

डोनल्ड ट्रम्प से जब गत सोमवार को न्यूयार्क टाइम्ज़ की रिपोर्ट के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इसका खंडन किया। ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने कभी भी रूस के हितों के लिए काम नहीं किया और यह बहुत ग़लत है कि इस प्रकार का सवाल उठाया जाए। यही बात राष्ट्रपति पुतीन के सलाहकार यूरी ओशाकोफ़ ने कही। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का आरोप लगाना मूर्खता है क्योंकि इन दिनों अमरीका और रूस के संबंध अपने सबसे ख़राब दौर से गुज़र रहे हैं और संबंधों को बेहतर करने के लिए कोई क़दम नहीं उठाया गया है।

अमरीका में यह विचार बहुत आम है रूसी इंटैलीजेन्स ने वर्ष 2013 में मास्को में सौंदर्य प्रतियोगिता के समय ट्रम्प के यौन संबंधों की वीडियो बना ली थी जिसकी मदद से ट्रम्प पर मास्को के हित में काम करने के लिए दबाव डाला। मगर रूसी इंटैलीजेन्स इन आरोपों का खंडन करती है और ट्रम्प भी इसे बेबुनियाद ठहराते हैं मगर ट्रम्प के यौन संबंधों का जो पिछला रिकार्ड है उसे देखते हुए संदेह को बल मिलता है।

ट्रम्प के निजी वकील माइकल कोहेन ने जिन्हें क़ानून का हनन करने के मामले में गिरफ़तार किया जा चुका है, गत गुरुवार को बहुत बड़ा धमाका किया। उन्होंने यह बताया कि चुनाव से पहले सर्वे करने वाली एक कंपनी को पैसा देकर सर्वे के नतीजों से छेड़छाड़ करवाई गई और इसे ट्रम्प के हित में बदला गया। कोहेन ने बताया कि उन्होंने ट्रम्प के कहने पर कंपनी को एक मोटी रक़म दी थी। इससे पहले वह बयान दे चुके हैं कि ट्रम्प से यौन संबंध का दावा करने वाली माडल को चुप करवाने के लिए उन्होंने ट्रम्प के कहने पर माडल को पैसे दिए थे।

अमरीका के प्रसिद्ध एंकर स्टीफ़न कोलबर्ट जो लेट नाइट नाम का शो होस्ट करते हैं ट्रम्प के रूस का एजेंट होने संबंधी सवाल के जवाब में मज़ाक़िया स्वर में कहा कि यह तो मूर्खता होगी कि वह एजेंट के रूप में काम करें अलबत्ता सकता है कि ट्रम्प समझ ही न पाए हों और उन्होंने मास्को के हितों की रक्षा की हो। कोलबर्ट के सहयोगी ट्रीफ़ोर नूह का कहना था यह आरोप बेवक़ूफ़ी है क्योंकि ट्रम्प एसा नहीं कर सकते। इसलिए कि ट्रम्प धरती के सबसे ख़राब जासूस साबित होंगे और कोई भी उनकी मूर्खता की वजह से उनकी भर्ती नहीं कर सकता।

इस बारे में हमारे लिए कुछ कहना जल्दबाज़ी होगी क्योंकि यह जटिल मामला है लेकिन इतना तो ज़रूर कहा जा सकता है कि ट्रम्प व्यापारी व्यक्ति हैं और फ़ायदे वाले सौदे उन्हें बहुत पसंद है और वह हर फ़ायदे वाला कोई भी सौदा छोड़ने के लिए तैयार नहीं होते। उनके बारे में यह विचार सही है कि वह चुनाव जीतने के लिए कुछ भी कर सकते थे।

राबर्ट मूलेर की जांच रिपोर्ट आने से कुछ दिन या कुछ हफ़्ते पहले न्यूयार्क टाइम्ज़ जैसे महत्वपूर्ण अख़बार में इस प्रकार की रिपोर्ट आना यह संकेत देता है कि आने वाले दिनों में कोई बड़ा धमाका होने वाला है। यदि यह आरोप सही सिद्ध हुए तो यह रूस की इंटेलीजेन्स के इतिहास का यह सबसे बड़ा कारनामा होगा कि उसने अमरीका के राष्ट्रपति को अपना जासूस बना लिया।

साभार रायुल यौम