19 जनवरी 2019 - 17:58
ईरान प्रतिबंधों के बावजूद ध्यान योग्य प्रगति कर रहा है

अमेरिका और उसके घटकों ने प्रतिबंधों, आर्थिक संकट और ईरान पर दबाव से अपेक्षा लगा रखी है परंतु उनके प्रयासों का उल्टा परिणाम निकला है और ईरान की प्रगति इन्हीं प्रतिबंधों और दबावों का परिणाम है।

अमेरिका और पश्चिमी संचार माध्यम सदैव प्रतिबंधों से ईरान पर पड़ने वाले प्रभावों की बात करते हैं और उसे तेहरान के लिए हानिकारक बताते हैं जबकि ईरान विभिन्न विशेषकर वैज्ञानिक क्षेत्र में ध्यान योग्य प्रगति कर रहा है।

गत चालिस वर्षों से ईरान के समस्त क्षेत्रों को अमेरिका और यूरोप के अन्यायपूर्ण प्रतिबंधों का सामना रहा है परंतु इन प्रतिबंधों के बावजूद ईरान ने विभिन्न विशेषकर वैज्ञानिक और तकनीकी क्षेत्रों में ध्यान योग्य प्रगति की है।

मौजूद दस्तावेज़ इस बात के सूचक हैं कि इस समय ईरान की वैज्ञानिक प्रगति 1.93 प्रतिशत है इस प्रकार पूरी दुनिया के इस्लामी देशों में वह पहले स्थान पर है और isc साइट के प्रमुख मोहम्मद जवाद देहकानी ने कहा है कि विश्व स्तर पर कराये गये सर्वेक्षण के आधार पर ईरान ने इस्लामी क्रांति की सफलता से पहले की अपेक्षा 19 गुना वैज्ञानिक प्रगति की है और इस समय दुनिया में उसका 16वां स्थान है।

यह एसी स्थिति में है जब अमेरिका और उसके घटकों ने प्रतिबंधों, आर्थिक संकट और ईरान पर दबाव से अपेक्षा लगा रखी है परंतु उनके प्रयासों का उल्टा परिणाम निकला है और ईरान की प्रगति इन्हीं प्रतिबंधों और दबावों का परिणाम है।

विभिन्न क्षेत्रों में ईरान इस समय क्षेत्र व विश्व में उचित स्थान पर है। उदाहरण के तौर पर इस समय ईरान नैनो टेक्नालोजी में विश्व के 10 देशों में शामिल है जबकि जेनेटिक्स में वह क्षेत्र में पहले स्थान पर और विश्व में 16वें स्थान पर है। इसी प्रकार वह अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में पहले स्थान पर जबकि विश्व में 15वें स्थान पर है।

इस बात में कोई संदेह नहीं है कि ईरान के प्रतीभाशाली युवाओं की क्षमताओं के दृष्टिगत यह बात पूरे विश्वास से कही जा सकती है कि ईरान की यह प्रगति भविष्य में भी जारी रहेगी और ईरानी राष्ट्र अमेरिकी इच्छा के विपरीत उज्जवल भविष्य का अनुभव करेगा।