इर्ना की रिपोर्ट के अनुसार, भारत की विदेशमंत्री सुषमा स्वराज ने भारत और मध्य एशियाई देशों के विदेशमंत्रियों की बैठक में यह बात कही।
भारत और मध्य एशियाई देशों की बैठक उज़्बेकिस्तान के शहर समरक़दं में अफ़ग़ानिस्तान की भागीदारी से रविवार को आयोजित हुई।
भारत की विदेशमंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि चाबहार बंदरगाह, दृष्टिगत लक्ष्यों तक पहुंचने के मार्ग में आने वाली रुकावटों को दूर करने के लिए भारत, ईरान और अफ़ग़ानिस्तान के बीच त्रिपक्षीय सहयोग का बेहतरीन नमूना है।
उन्होंने चाबहार बंदरगाह के विस्तार के लिए ईरान, भारत और अफ़ग़ानिस्तान के प्रयासों की ओर संकेत करते हुए कहा कि भारत ने चाबहार की बंदरगाह द्वारा सबसे पहले गेंहू की खेप अफ़ग़ानिस्तान भेजी और उसका मानना है कि अधिक रास्ते बनाने से क्षेत्र में मौजूद क्षमताओं को निखरने का अवसर मिलेगा।
सुषमा स्वराज ने बल दिया कि नई दिल्ली, अफ़ग़ानिस्तान में शांति की स्थापना और अफ़ग़ानिस्तान की अर्थव्यवस्था के बारे में अपने वचनों पर प्रतिबद्ध है।
भारतीय विदेशमंत्री ने कहा कि हम सबको आतंकवाद से संघर्ष में अफ़ग़ानिस्तान की सहायता करनी चाहिए।