समाचार एजेंसी इर्ना की रिपोर्ट के मुताबिक़ इस्लामी क्रांति संरक्षक बल की नौसेना के कमांडर एडमिरल “अली रज़ा तंगसीरी” ने बताया है कि आईआरजीसी की तेज़ रफ़्तार युद्धक नौकाओं को बहुत ही जल्द अत्याधुनिक संचार और रक्षा प्रणाली से लैस किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस नई तकनीक से यह तेज़ रफ़्तार युद्धक नौकाएं रडार पर नज़र नहीं आएंगी और साथ ही दुश्मनों के मुक़ाबले में मिसाइल से मार करने की क्षमता को भी अधिक किया जाएगा। एडमिरल तंगसीरी ने बताया कि आईआरजीसी की नौसेना ने हमेशा उच्च विकास और प्रदर्शन को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि इसी तरह ईरानी नौसेना भी समुद्री अभियान में अत्यधिक बुद्धिमानता के साथ तेज़ी से आगे बढ़ रही है।
आईआरजीसी की नौसेना के कमांडर एडमिरल “अली रज़ा तंगसीरी” ने कहा कि फ़ार्स की ख़ाड़ी में मौजूद अमेरिकी युद्धक बेड़ों और जहाज़ों पर इस्लामी गणतंत्र ईरान पैनी नज़र रखे हुए है। उन्होंने कहा कि आज़ाद समुद्र में दुश्मन की सेना मौजूद तो है मगर उनमें हमारी समुद्री सीमा में घुसने की हिम्मत नहीं है। एडमिरल तंगसीरी का कहना था कि क्षेत्र के बाहर की सेना की फ़ार्स की ख़ाड़ी में उपस्थिति से समस्याएं उत्पन्न होंगी, जबकि ईरान ने बारमबार फ़ार्स की खाड़ी के देशों और क्षेत्र के सम्मानजनक राष्ट्रों को इस बात का आश्वासन दिया है कि ईरान सहित सभी क्षेत्रीय देश इस क्षेत्र को सुरक्षा प्रदान करने की क्षमता रखते हैं।
एडमिरल “अली रज़ा तंगसीरी” ने कहा कि हम मुसलमान हैं अपने तमाम मुस्लिम भाईयों के आगे दोस्ती का हाथ बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के कुछ देश शर्मिंदगी का कारण बने हुए हैं क्योंकि उनके शासक अपनी सुरक्षा के लिए दुश्मनों से मदद की गुहार लगाते रहते हैं।
उल्लेखनीय है कि पश्चिमी मीडिया ने ऐसी रिपोर्टें दीं हैं कि ईरान के परमाणु समझौते से अमेरिका के निकल जाने के बाद अमेरिका का पहला विमानवाहक पोत यूएस जान सी स्टेनिस फ़ार्स खाड़ी के इलाक़े में प्रविष्ट हुआ है।