इस मौक़े पर आज़रबाइजान गणराज्य के संसद सभापति उकताय असदोफ़ ने तेहरान-बाकू के बीच ख़ास तौर पर व्यापारिक व आर्थिक क्षेत्र में व्यापक संबंध व सहयोग में विस्तार के लिए कोशिश को ज़रूरी बताते हुए कहा कि क्षेत्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मामलों और पड़ोसी देशों की क्षेत्रीय अखंडता व संप्रभुता की रक्षा के बारे में ईरान के दृष्टिकोण का सम्मान करते हैं।
आज़रबाइजान गणराज्य संस्कृति, धर्म और संयुक्त ज़बान की वजह से ईरान के निकटवर्ती देशों में है और जबसे इस देश को स्वाधीनता मिली है उस समय से ईरान के सथ उसके संबंध बहुत अच्छे रहे हैं।
उत्तर-दक्षिण कोरिडोर का निर्माण और आज़रबाइजान के आस्तारा और ईरान के आस्तारा शहरों और ईरान के रश्त और आज़रबाइजान के आस्तारा शहरों के बीच रेलवे लाइन के निर्माण के लिए उठाए गए क़दम बहुत अहमियत रखते हैं। ये क़दम दोनों देशों के बीच ट्रान्ज़िट सहयोग को बढ़ाने के लिए उठाए गए हैं।
अंतर्राष्ट्रीय व भूराजनैतिक मामलों के टीकाकार अली वलीक़ुली ज़ादे का कहना है कि ईरान के बीच से पश्चिम-पूरब और इसके विपरीत, रेल व सड़क मार्ग का सामर्थ्य अधिक है जिसे आज़रबाइजान गणराज्य, मध्य एशिया और पूर्वी एशिया के साथ ज़मीनी संपर्क में विस्तार के लिए इस्तेमाल कर सकता है।
आज़रबाइजान गणराज्य के संसद सभापति का यह दौरा दोनों देशों के लिए इस बात का अवसर है कि वे आपसी संबंधों में विस्तार के लिए इरादों को मज़बूत करें। इस बात की आशा की जा सकती है कि संबंधों में विस्तार में संसदों के रोल के मद्देनज़र, इस अवसर का जितना मुमकिन हो सही ढंग से उपयोग हो।