अमेरिकन इस्लामिक रिलेशन्स के मुताबिक़, शाइमा सालेह बुधवार की शाम तक कैलिफ़ोर्निया पहुंच जायेंगी।
सालेह के पति अली हसन एक अमरीकी नागरिक हैं। उनका कहना है कि यह मेरे लिए जीवन का सबसे ख़ुशी का दिन है।
ग़ौरतलब है कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प की ओर से अमरीका में मुसलमानों के प्रवेश पर प्रतिबंध के कारण, शाइमा सालेह वेंटिलेटर पर कई दिन से मौत से लड़ने के बाद दम तोड़ रहे अपने बेटे से मिलने नहीं जा सकती थीं।
उनके पति का कहना था कि निराश होकर पिछले हफ़्ते ही मैं अपने बेटे को मिल रहे लाइफ़ सपोर्ट को हटाने वाला था, लेकिन अब हम सुकून से अपने बेटे की मौत का मातम मना सकेंगे।
मीडिया में यह ख़बर आने के बाद कि ट्रम्प प्रशासन एक यमनी मां को दम तोड़ रहे अपने बेटे से मिलने के लिए वीज़ा जारी नहीं कर रहा है, बड़े पैमाने पर लोग वाशिंगटन की अत्याचारपूर्ण नीतियों का विरोध करने लगे।
शाइमा ने अपने बेटे को पिछले 1 अक्तूबर से नहीं देखा है, क्योंकि उनके पति उसे इलाज के लिए अमरीका ले गए थे।
सोमवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में अब्दुल्लाह ने रोते हुए कहा था कि मेरी पत्नी हर रोज़ मुझे फ़ोन करके कहती है कि बस एक बार मैं अपने बेटे को गोद में लेकर चूमना चाहती हूं।
डॉक्टरों का कहना है कि शाइमा और अब्दुल्लाह के बेटे हसन को मस्तिष्क रोग है, जिसके कारण अब वह बहुत दिन तक ज़िंदा नहीं रह सकेंगे।