12 दिसंबर 2018 - 15:29
इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता ने बताया कि अमरीका का अस्ली चेहरा कैसे समझें, यमन संकट के अहम बिन्दु की ओर किया इशारा

इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता ने बताया कि अमरीका का अस्ली चेहरा कैसे समझें, यमन संकट के अहम बिन्दु की ओर किया इशारा

पवित्र रक्षा काल, पवित्र रौज़ों और देश की सुरक्षा व सीमा की रक्षा के दौरान शहीद होने वालों के परिजनों के एक समूह ने बुधवार को इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई से मुलाक़ात की। इस अवसर पर  उन्होंने इस्लामी ईरान के दुश्मनों के नैतिक व राजनैतिक दृष्टि से भ्रष्टाचार में लिप्त होने की ओर संकेत करते हुए कहा कि अगर अमरीका को सही ढंग से पहचानना चाहते हैं तो अमरीकी राष्ट्रपति और इस देश के राजनेताओं को देखिए।

उन्होंने बुधवार को इस मुलाक़ात के दौरान कहाः "अमरीकी राजनेताओं को देखिए और धन की पूजा, अधिकारों के हनन और इंसानों की जान माल की नज़रअंदाज़ी को देखिए। इसका एक नमूना यमन है। सऊदी अपराध कर रहे हैं लेकिन अमरीका इसमें सहापराधी है। ख़ुद क़ुबूल भी करता है। अस्पताल, बाज़ार, और आबादी वाले इलाक़ों को मारता है, ये अपराधी हैं, यह अमरीका का अस्ली चेहरा है।"

आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई ने अमरीका की पिछले 2 साल की गतिविधियों, जिसमें ईरान के दुश्मनों की ना-ना प्रकार की मदद और ईरान के ख़िलाफ़ पाबंदियां लगाना शामिल है, इशारा करते हुए कहा कि उनकी साज़िशों का भांडा फूट गया। उन्होंने बल दिया कि दुश्मन पाबंदियों व सुरक्षा विरोधी गतिविधियों के ज़रिए राष्ट्र में विभाजन पैदा करना, गुटों के बीच लड़ाई करवाना और कुछ लोगों को सड़कों पर लाना चाहते थे कि जिसका नाम उन्होंने "तेज़ गर्मी" रखा था, मगर दुश्मनों की इच्छाओं के विपरीत इस साल का गर्मी का मौसम बहुत अच्छे गर्मियों के मौसम में से एक था।

इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता ने अमरीकी अधिकारियों के इस बयान पर कि इस्लामी गणतंत्र 40 साल की उम्र तक नहीं पहुंचेगा, कहा कि ईरानी राष्ट्र पूरी दृढ़ता से डटा है और ईश्वर की कृपा से इस साल 11 फ़रवरी को इस्लामी क्रान्ति की चालीसवीं सालगिरह और शानदार तरीक़े से मनाएगा।

उन्होंने ज़ायोनियों और क्षेत्र के रूढ़ीवादी देशों को ईरानी राष्ट्र से दुश्मनी में अमरीका का सहभागी बताते हुए बल दिया कि हम बहुत मज़बूत हैं क्योंकि वह अभी तक इस्लामी गणतंत्र का कुछ नहीं बिगाड़ सके और आगे भी कुछ बिगाड़ नहीं पाएंगे।

आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई ने इस बात पर बल देते हुए कि ईरानी राष्ट्र पूरी सूझबूझ के साथ स्थिति पर नज़र रखे रहे और अपने दृष्टिकोण पर डटा रहे, कहा कि आज तूफ़ान फ़्रांस सहित योरोप पहुंच गया है, ईरानी राष्ट्र इस्लाम की बर्कत से पैग़म्बरे इस्लाम के पवित्र परिजनों से आस्था की नौका में सुरक्षित है और सफलता ईरानी राष्ट्र की ही होगी।