अली अकबर सालेही ने बुधवार को यूरो न्यूज़ से इंटरव्यू में कहा कि अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की पुष्टि के साथ ही ईरान की परमाणु गतिविधियां परमाणु समझौते जेसीपीओए के तहत हैं लेकिन अगर यह समझौता ख़त्म हो गया तो ईरान न सिर्फ़ इस समझौते से पहले की स्थिति बल्कि उससे आगे की स्थिति में जाएगा।
अली अकबर सालेही ने ईरान के ख़िलाफ़ अमरीकी पाबंदियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि ईरान ने इस्लामी क्रान्ति की सफलता के बाद जंग, पाबंदियों और दूसरी मुश्किलों का सामना किया लेकिन सभी मुश्किलों को सफलता से पार किया और आज क्षेत्र की उभरती हुयी शक्ति में बदल चुका है।