रिपोर्ट के मुताबिक़, सऊदी युवराज मोहम्मद बिन सलमान ख़ाशुक़जी हत्याकांड में बुरी तरह फंसते नज़र आ रहे हैं।
अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए की डायरेक्टर जिना हस्पेल ने पिछले महीने तुर्क अधिकारियों को बताया था कि उनके पास मोहम्मद बिन सलमान की उस टेलीफ़ोन काल की रिकॉर्डिंग मौजूद है, जिसमें वह ख़ाशुक़जी की आवाज़ को ख़ामोश करने के लिए निर्देश दे रहे हैं।
हालांकि सऊदी युवराज मोहम्मद बिन सलमान ने दावा किया था कि 2 अक्तूबर को इस्तांबुल में हुई ख़ाशुक़जी की निर्मम हत्या के बारे में पहले से उन्हें कोई जानकारी नहीं थी, बल्कि पत्रकार की मौत हाथापाई के दौरान अचानक हुई थी।
हुर्रियत के अनुसार, टेलीफ़ोन पर यह बातचीत सऊदी युवराज मोहम्मद बिन सलमान (एमबीएस) और उनके भाई के बीच हुई थी, जो वाशिंगटन में सऊदी अरब के राजदूत हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि एमबीएस ने अपने भाई से टेलीफ़ोन पर बातचीत में कहा था कि जमाल ख़ाशुक़जी की आवाज़ को जितना जल्दी संभव हो सके ख़ामोश कर दिया जाए।