कई सप्ताहों के बाद अंततः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक विज्ञप्ति जारी करके सऊदी अरब के प्रति अपने पूर्ण समर्थन की घोषणा की है।
सऊदी अरब की तानाशाही और ग़ैर लोकतांत्रिक सरकार के आलोचक सऊदी पत्रकार जमाल ख़ाशुक़जी की हत्या के बारे में सऊदी युवराज की भूमिका के संबंध में जो रिपोर्टें सामने आयीं उन सबके संबंध में ट्रंप ने अब तक मौन धारण कर रखा था।
ट्रंप की ओर से जो विज्ञप्ति जारी की गयी उसमें आया है कि अमेरिका के सूचना तंत्र अब भी जानकारियों की समीक्षा कर रहे हैं परंतु इस बात की प्रबल संभावना मौजूद है कि सऊदी युवराज इस घटना से अवगत थे।
साथ ही इस विज्ञप्ति में कहा गया है कि हो सकता है कि अवगत रहे हों और हो सकता है कि अवगत न भी रहे हों।
इतना सब हो जाने के बावजूद ट्रंप ने न तो सऊदी अरब की और न ही सऊदी युवराज की आलोचना की। उसका कारण ट्रंप ने पिछले साल सऊदी अरब की यात्रा के दौरान होने वाले अरबों डॉलर के समझौतों को बताया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से यह विज्ञप्ति ऐसी स्थिति में जारी की गयी जब अमेरिका के भीतर और बाहर आम जनमत सऊदी अरब की तानाशाही सरकार के विरोधी पत्रकार की हत्या को लेकर क्रोधित है।
उसकी वजह आम संचार माध्यमों में यह बताई गयी कि सऊदी पत्रकार जमाल ख़ाशुकजी की बहुत निर्मम ढंग से हत्या की गयी और विश्व की अधिकांश सरकारें इस बात से संतुष्ट हो गयीं कि जमाल ख़ाशुकजी की हत्या में सऊदी युवराज मोहम्मब बिन सलमान का हाथ था।
यही नहीं अमेरिका की गुप्तचर सेवा सीआईए ने भी कहा है कि जमाल ख़ाशुक़जी की हत्या का आदेश मोहम्मद सलमान ने दिया था। अमेरिकी कांग्रेस में भी इस मामले को उठाया गया और सऊदी अरब को हथियारों की बिक्री को रोकने यहां तक कि वाशिंग्टन द्वारा सऊदी युवराज का समर्थन बंद किये जाने का आह्वान किया गया।
बहरहाल ट्रंप ने जो विज्ञप्ति जारी की है वह इस बात की सूचक है कि वह सऊदी अरब और सऊदी युवराज के क्रिया- कलापों का समर्थन करना व औचित्य दर्शाना चाहते हैं और यह वह चीज़ है जो स्वयं अमेरिका के अंदर बहुत से लोगों की आलोचना का कारण बनी है।
अमेरिकी सिनेट में विदेश संबंधों की समिति के अध्यक्ष सिनेटर बॉब कोर्कर ने सऊदी अरब के समर्थन में ट्रंप की विज्ञप्ति की आलोचना करते हुए ट्वीट किया है कि मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि एक दिन वाइट हाउस सऊदी अरब का जनसंपर्क कार्यालय बन जायेगा।
साथ ही एक अन्य रिपब्लिकन सिनेटर रेन्ड पॉल ने भी सऊदी अरब के समर्थन में ट्रंप की विज्ञप्ति की आलोचना करते हुए कहा है कि यह विज्ञप्ति सऊदी अरब की पहली विज्ञप्ति थी न कि अमेरिका की।