आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेनई ने इंडोनेशिया में 2018 पैरा एशियाई खेलों में पदक पाने व कीर्तिमान बनाने वाले ईरान के माज़ूर खेलाड़ियों से बुधवार को मुलाक़ात में दुनिया में मौजूदा जंग को इरादों की जंग बताया और बल दिया कि शारिरिक दृष्टि से माज़ूर ख़िलाड़ियों ने अपनी मूल्यवान गतिविधियों से दर्शा दिया कि वे मज़बूत इरादे व सांस्कृतिक स्वाधीनता के स्वामी हैं।
उन्होंने माज़ूर खिलाड़ियों में ख़ास तौर पर महिला खिलाड़ियों की ओर से अपने राष्ट्रीय व धार्मिक मूल्यों की आत्म-विश्वास के साथ रक्षा की सराहना करते हुए कहा कि ईरान के खिलाड़ियों के कारवां की बाहेजाब महिला ध्वजवाहक का जुमे की नमाज़ में हाज़िर होने का अर्थ दुनिया में दिन प्रतिदिन बढ़ती अश्लीलता का अकेले मुक़ाबला करना और किसी तरह की हीन भावना का शिकार न होना है।
इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता ने कहा कि ऐसे हालात में जब कुछ लोग दुनिया के विभिन्न मंचों पर साम्राज्यवादी मोर्चे की अनंत अपेक्षाओं के हमलों के मुक़ाबले में दृढ़ता नहीं दिखा पाते और पीछे हट जाते हैं, आपने अपने धार्मिक व राष्ट्रीय लेबास में सांस्कृतिक शक्ति का प्रदर्शन करते हुए हेजाब व सतीत्व की रक्षा की और मैं इसी वजह से दिल की गहराई से इस्लामी गणतंत्र के खेल के कारवां का आभार व्यक्त करता हूं।
वरिष्ठ नेता ने इंसान के वजूद में निहित क्षमताओं के इस्तेमाल को माज़ूर खिलाड़ियों के कीर्तिमान बनाने के पीछे पाठ लेने वाला बिन्दु बताया और बल दिया कि अगर राष्ट्रीय क्षमताओं का सही ढंग से उपयोग हो तो आर्थिक मुश्किल हल हो जाएगी।
इंडोनेशिया में 2018 पैरा एशियाई खेलों में ईरानी खिलाड़ियों को 51 पदक, 42 रजत और 43 कांस्य पदक मिले और ईरानी कारवां ने इस प्रतियोगिता में तीसरा स्थान हासिल किया।