श्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने कहा कि हमने कल अमरीकी विदेशमंत्रालय और अमरीकी वित्तमंत्रालय के लहजे में इस बात को लेकर क्रोध देखा। उन्होंने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि अगले कुछ दिनों में अमरीका के लिए बुरे दिन आने वाले हैं।
ईरान के विदेशमंत्री ने कहा कि अमरीका की सरकार वह सरकार है जो अपनी जनता पर यह सिद्ध नहीं कर सकी कि उनकी नीतियां उनके हित में है और वह अमरीका के राष्ट्रीय हित को सोचने से पहले एक छोटे से गुट के हित में पड़ी हुई है जो उसके समर्थक है।
ईरान के विरुद्ध अमरीका के दूसरे चरण के प्रतिबंधों में तेल, बैंकिंग और ईरान के व्यापारिक लेनदेन के विभाग को निशाना बनाया गया। यह प्रतिबंध पांच नवम्बर से लागू हो गये। इन प्रतिबंधों से सीधे रूप से ईरानी जनता को निशाना बनाया गया और यह प्रतिबंध किसी भी प्रकार के अंतर्राष्ट्रीय नियमों और नैतिकताओं से मेल नहीं खाते।
अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प की क़ानून से परे और एकपक्षीय कार्यवाहियों से यह सिद्ध होता है कि वह वैश्विक डगर से हटकर अपने ही धुन में आगे बढ़े जा रहे हैं और यह दुनिया के लिए बहुत ही ख़तरनाक सिद्ध हो सकता है।
ट्रम्प सरकार द्वारा अंतर्राष्ट्रीय नियमों की अनदेखी और एकपक्षीयवाद का दुष्परिणाम केवल ईरान पर ही नहीं पड़ रहा है बल्कि इसको पूरी दुनिया को भुगतना होगा और पेरिस जलवायु समझौते और ट्रेड वाॅर हमारे इस दावे के पक्के सबूत हैं।
यहां पर यह कहना आवश्यक है कि यदि दुनिया समय रहते ट्रम्प की एकपक्षीय कार्यवाहियों पर लगाम नहीं लगाती तो यह भविष्य में दुनिया के लिए बहुत ही ख़तरनाक साबित होगा।