रिपोर्ट के अनुसार सऊदी अरब में " टाइगर्स स्क्वायड " नाम की एक टीम बनायी गयी है जो सीधे क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान को रिपोर्ट करती है। बिन सलमान ने स्वंय यह टीम बनायी है और एक साल पहले बनने वाली इस टीम में 50 सदस्य हैं जो विभिन्न क्षेत्रों में अत्याधिक दक्ष समझे जाते हैं।
इन लोगों को सऊदी अरब के विभिन्न सुरक्षा विभागों से चुना गया है और यह सारे सदस्य , बिन सलमान के बेहद वफादार समझे जाते हैं।
इस टीम की ज़िम्मेदारी सऊदी सरकार के विरोधियों को देश के भीतर या बाहर , रास्ते से हटाना है लेकिन विदेशों में इस तरह से विरोधियों का सफाया किया जाता है कि किसी प्रकार का शक न हो।
वास्तव में सऊदी अधिकारियों को यह लगता है कि विरोधियों को गिरफ्तार करने की वजह से पूरी दुनिया में हंगामा खड़ा होता है और उनकी रिहाई के लिए दबाव बढ़ता है इस लिए यदि योजना बद्ध तरीके से उनकी हत्या कर दी जाए तो यह उनके लिए अधिक आसान होगा।
यह टीम सऊदी सरकार विशेषकर बिन सलमान के विरोधियों को कभी उसी तरह रास्ते से हटाती है जैसा कि उसने खाशुकजी को हटाया लेकिन विरोधियों को अपने रास्ते से हटाने के इस टीम के अलग- अलग तरीक़े हैं। कभी विरोधियों को एक्सीडेंट में मारा जाता है कभी उनके घर में आग लगा कर उन्हों खत्म किया जाता है।
मिडिल ईस्ट आई के अनुसार कभी कभी तो विरोधियों को अस्पताल में निरीक्षण के समय, ज़हर दे दिया जाता है या फिर एसा वायरस उसके शरीर में पहुंचा दिया जाता है जिसके बाद कुछ ही दिनों में वह मर जाता है।
इस टीम का नाम, जनरल अहमद अलअसीरी के नाम से लिया गया है क्योंकि उन्हें दक्षिण का टाइगर कहा जाता है। अलअसीरी को बिन सलमान खाशुकजी की हत्या के मामले की वजह से पदमुक्त कर चुके हैं।
मिडिल ईस्ट आई ने यह बताने से इन्कार कर दिया कि टाइगर्स स्क्वायट किससे आदेश लेता है लेकिन यह ज़रूर बताया कि टीम को आदेश सऊद अलक़हतानी और अहमद असीर की ओर से मिलता है जिन्हें बिन सलमान ने पदमुक्त कर दिया है और यह दोनों बिन सलमान के बेहद क़रीबी माने जाते हैं। इस टीम के एक सदस्य का नाम माहिर अलमुतरिब है जिसे टाईगर्स स्क्वायट की रीढ़ की हड्डी कहा जाता है। खाशुकजी की हत्या के लिए तुर्की जाने वाली उस टीम में यह भी शामिल था।