30 अगस्त 2018 - 14:07
अमरीका को रूस की चेतावनी, सीरिया पर हमले से आतंकियों को फ़ायदा होगा

अमरीका में रूस के राजदूत एनातोली अन्तोनोफ़ ने कहा कि अमरीका अगर सीरिया पर हमला करता है तो इससे आतंकी संगठनों को फ़ायदा पहुंचेगा।

रूसी राजदूत ने अमरीकी विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाक़ात में इस बात पर चिंता जताई कि अमरीका सीरिया पर ग़ैर क़ानूनी रूप से हमला करने की धमकी दे रहा है और इन हमलों के लिए वह काल्पनिक रासायनिक हमलों का बहाना बना रहा है। राजदूत ने कहा कि इन धमकियों पर हमें गहरी चिंता है।

आंतोनोफ़ ने कहा कि हमने अमरीका को याद दिलाया है कि सीरिया पर हमला ग़ैर क़ानूनी है इसका कोई भी क़ानूनी आधार नहीं है और इस प्रकार के हमलों से केवल आतंकियों को फ़ायदा होगा।

इससे पहले संयुक्त राष्ट्र संघ में सीरिया के राजदूत बश्शार जाफ़री ने कहा कि उत्तरी सीरिया के इलाक़े इदलिब में आतंकी संगठन रासायनिक हमले की तैयारी कर रहे हैं ताकि इन हमलों का आरोप वह सीरियाई सेना पर लगा सकें और इन आतंकी संगठनों के समर्थक देशों को सीरिया पर हमला करना का बहाना मिल जाए। उन्होंने बताया कि इदलिब के हलूज़ गांव में आतंकियों ने क्लोरीन गैस की आठ खेपें पहुंचाई हैं।

इसी बीच रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़ाख़ारोवा ने कहा कि अमरीका और उसके घटको को सीरिया पर मिसाइल हमला करने की तैयारी के लिए केवल 24 घंटे के समय की ज़रूरत होगी। ज़ाख़ारोवा ने पत्रकारों के बीच बोलते हुए कहा कि सीरिया पर हमले की ताक में बैठा अमरीकी गठबंधन मध्यपूर्व में लगभग 70 मिसाइल लांचिंग वेहिकल मौजूद हैं और उनके शस्त्रागारों में लगभग 280 क्रूज़ मिसाइलों का भंडार है और कार्नी और रास नाम के दो अमरीकी युद्ध पोत भी इलाक़े में मौजूद हैं इनमें से हर एक पर 28 क्रूज़ मिसाइल हैं।

इससे पहले अमरीकी युद्ध मंत्रालय ने इस रिपोर्ट का खंडन किया था कि वह सीरिया पर मिसाइल हमला करने की तैयारी कर रहा है।

अमरीका सीरिया में अपने घटक आतंकी संगठनों की पराजय से खिन्न है और उसे अपनी सारी योजनाओं नाकाम होती दिखाई दे रही हैं अतः वह अलग अलग बहानों से सीरिया में हस्तक्षेप कर रहा है कि किसी तरह आतंकियों की पराजय के सिलसिले को रोका जा सके।

इसी बीच सीरिया के विदेश मंत्री वलीद अलमुअल्लिम ने कहा है कि हम सीरिया को आतंकवाद से पूरी तरह आज़ाद कराने की प्रक्रिया के आखिरी चरण में हैं।

उन्होंने कहा कि हमारे पास रासायनिक हथियार नहीं हैं अतः हम यह हथियार प्रयोग ही नहीं कर सकते और आतंकवाद से लड़ाई में हम जीत रहे हैं अतः हमें रासायनिक हथियार प्रयोग करने की कोई ज़रूरत ही नहीं है।