बालिग़ होने की निशानियाँ
इन तीन निशानियों में से कोई एक निशानी पाई जाए।
1. नाभि के नीचे सख़्त बालों का उगना।
2. एहतेलाम (सोते या जागते मे मनी (वीर्य) का निकलना)
3. लड़को का चांद के हिसाब से 15 और लड़कियों का 9 साल पूरा कर लेना।
• जब तक किसी इंसान में ऊपर बताई गई निशानियों में से कोई एक निशानी न पाई जाए उस वक़्त तक वह शरीअत की निगाह में बालिग़ नहीं है और उस पर इस्लामी अहकाम लागू नहीं होंगे।
• नौ साल पूरे होने से पहले अगर किसी लड़की को ख़ून आए तो वह बालिग़ होने की शरई निशानी नहीं है।
• लड़का या लड़की क़मरी साल (चाँद के साल) के हिसाब से बालिग़ होते हैं इसलिए अगर डेट ऑफ़ बर्थ शम्सी (ईसवी) साल के हिसाब से लिखी गई हो तो उसे क़मरी व शम्सी साल में पाए जाने वाले फ़र्क़ का हिसाब लगा कर चाँद के साल में बदला जा सकता है। (हर क़मरी साल शम्सी साल से 10 दिन 21 घंटे 17 सेकेन्ड कम होता है।)
2 जनवरी 2018 - 15:57
समाचार कोड: 875419
लड़का या लड़की क़मरी साल (चाँद के साल) के हिसाब से बालिग़ होते हैं इसलिए अगर डेट ऑफ़ बर्थ शम्सी (ईसवी) साल के हिसाब से लिखी गई हो तो उसे क़मरी ......