अहलेबैत (अ )न्यूज़ एजेंसी अबना : प्राप्त सूत्रों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से सनआ में जो कुछ हो रहा है वह आले सऊद की एक नाकाम कोशिश थी, जो वह सालेह की पार्टी अलमौतमर अश्शअबी के द्वारा देश की एकता को तोड़कर सऊदी फोर्सेस को सनआ में लाना चाहते थे, एवं सऊदी फोर्सेस नहुम के रास्ते से सनआ में आ जानी थी।
सालेह की पार्टी के प्रमुख चाहते थे कि रूस और अन्य देशों की सऊदिया के साथ युद्ध की समाप्ति कर स्वयं को यमन की जनता का प्रतिनिधि बताएं। सालेह ने ग़लत रास्ता चुना और यह समझते थे के अनसारुल्लाह एक कमज़ोर संगठन है, और सनआ में उनकी इतनी ताक़त नहीं है इसलिए उन्होंने सोचा अपने सहयोगी क़बीलों के द्वारा अपनी योजना में सफ़ल हो जाएंगे, परंतु एक तरफ़ तो क़बीले वालों ने उनका साथ नहीं दिया और दूसरी ओर अनसारुल्लाह ने राजधानी को एक ख़ूनी युद्ध से बचा लिया।
सालेह का संगठन यमन में बग़ावत करके वहां की एकता को हानि पहुंचाना चाहता था, जिससे शत्रु को लाभ होता लेकिन सालेह एक कमज़ोर रस्सी के सहारे कुंए में उतरे थे, यही उनकी नाकामी का कारण बना,और आले सऊद के कमज़ोर इरादों के साथ उनका अंजाम भी बुरा हुआ।
6 दिसंबर 2017 - 17:06
समाचार कोड: 871302
उन्होंने सोचा अपने सहयोगी क़बीलों के द्वारा अपनी योजना में सफ़ल हो जाएंगे, परंतु एक तरफ़ तो क़बीले वालों ने उनका साथ नहीं दिया और दूसरी ओर अनसारुल्लाह ने राजधानी को एक ख़ूनी युद्ध से बचा लिया।