ज़ायोनी शासन के जेलर द्वारा पवित्र क़ुरआन के अनादर के बाद फ़िलिस्तीनी बंदियों ने जेलरों की जमकर पिटाई कर दी।
राय फ़िलिस्तीन समाचार एजेन्सी की रिपोर्ट के अनुसार, फ़िलिस्तीनी बंदी उस समय आपे से बाहर हो गये जब बेरे शबा शहर की एशल जेल में तैनात जेलरों ने फ़िलिस्तीनी बंदियों के सामने पवित्र क़ुरआन का अनादर करते हुए उस पर पैर रख दिया।
इससे पहले भी इसी जेल में तैनात जेलर पैग़म्बरे इस्लाम और इस्लाम की पवित्र आस्थाओं का अनादर कर चुके थे। बताया जाता है कि इस्राईली जेलर, फ़िलिस्तीनी बंदियों को मारने पीटने के लिए बहाने तलाश कर रहे थे और इसीलिए वे इस्लाम धर्म की पवित्र चीज़ों का अनादर करके फ़िलिस्तीनियों को क्रोध दिलाना चाहते थे और आख़िरकार वे अपने लक्ष्य में सफल रहे और इसके बाद झड़पें आरंभ हो गयीं।
वर्तमान समय में इस्राईल की 17 जेलों में 17 हज़ार से अधिक फ़िलिस्तीन क़ैदी बहुत ही दयनीय स्थिति में जीवन व्यतीत कर रहे हैं, इनमें से अधिकतर को यह भी पता नहीं है कि उन्हें किस अपराध में जेल की सज़ा हुई है जबकि कुछ को बिना मुक़द्दमे के ही जेल में डाल दिया गया है।
6 मार्च 2017 - 19:45
समाचार कोड: 816094
ज़ायोनी शासन के जेलर द्वारा पवित्र क़ुरआन के अनादर के बाद फ़िलिस्तीनी बंदियों ने जेलरों की जमकर पिटाई कर दी।