बहरैनी जनक्रांति की छठी वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बीच एमेनेस्टी इंटरनेशनल ने चेताया है कि इस देश में मानवाधिकारों की दशा बहुत दयनीय है।
२०१७ के आरंभिक दो महीनो में जनता पर किये जा रहे अत्याचार और घृणित दमन अपने चरम पर पहुंच गया है। राजनीतिक विरोधियों को मौत की सज़ा दी जा रही है। आले खलीफा शासन दावा करता रहा है कि वह मानवाधिकारों को लेकर सजग है बहरैन के हालात ठीक हो रहे हैं। जबकि पिछले दिनों बहरैनी जनता पर पुलिस की बर्बरतापूर्ण कार्यवाहियां तथा प्रदर्शनकारियों पर अत्याचार की घटनाओं में वृद्धि हुई है।
ज्ञात रहे कि बहरैन में पिछले ६ साल से न्याय एंव समानाधिकार तथा राजशाही अत्याचार के विरुद्ध शांतिपूर्ण प्रदर्शन हो रहे है जिसमे अब तक अनेकों लोग अपनी जान दे चुके हैं तथा सैकड़ों बन्दी बना लिए गए हैं।
15 फ़रवरी 2017 - 19:19
समाचार कोड: 811966
बहरैनी जनक्रांति की छठी वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बीच एमेनेस्टी इंटरनेशनल ने चेताया है कि इस देश में मानवाधिकारों की दशा बहुत दयनीय है।