25 जनवरी 2017 - 06:24
ईरान सीरिया में शांति समझौते का असली प्रतिभू है।

क़ज़ाकिस्तान की राजधानी अल्माटी में सीरिया की समस्या को लेकर होने वाली रूस ईरान तुर्की की मीटिंग के बाद सीरिया सरकार के दूत बश्शार जाफरी ने कहा हैं कि सीरिया में शांति स्थापित करने को लेकर हुई यह मीटिंग कामयाब रही हैं उन्होंने कहा हमने इस सम्मेलन के आयोजन में आ रही हर रुकावट को दूर किया है। आशा है कि अब सीरिया में संघर्ष विराम लागू होगा।

क़ज़ाकिस्तान की राजधानी अल्माटी में सीरिया की समस्या को लेकर होने वाली रूस ईरान तुर्की की मीटिंग के बाद सीरिया सरकार के दूत बश्शार जाफरी ने कहा हैं कि सीरिया में शांति स्थापित करने को लेकर हुई यह मीटिंग कामयाब रही हैं उन्होंने कहा हमने इस सम्मेलन के आयोजन में आ रही हर रुकावट को दूर किया है। आशा है कि अब सीरिया में संघर्ष विराम लागू होगा।
उन्होंने तमाम हथियारबंद गुटों से अपील कि हैं कि वह खून खराबा छोड़ कर शांति समझौते का पालन करे उन्होंने क्षेत्र के देशों से अपील करते हुए कहा कि अपनी राष्ट्र संपत्ति की बर्बादी और सीरिया के लोगों का खून खराबा बहुत हो चुका अब समय आ गया हैं कि इस राजनीती को छोड़ दिया जाए।
उन्होंने कहा कि ईरान शांति समझौते का असली प्रतिभू है और ईरान कि मदद से ही यह वार्तालाप संभव हो सका है उन्होंने कहा हैं कि हथियार बंद गुट एक मॉडल प्रक्रिया से जुड़ेंगे ताकि यह खूनखराबा रोक जा सके।
उन्होंने कहा कि सीरिया के मामलो में संयुक्त राष्ट्र के दूत दिमिस्तूरा विचार विमर्श करने के बाद फैसला लेंगे कि जेनेवा में होने वाले शांति समझौते में किसे भाग लेना है।
जाफ़री ने कहा कि वरद घाटी को आज़ाद करा लिया गया हैं लेकिन ऐनील जीफा का इलाका अलनुसरह फ्रंट के क़ब्ज़े में हैं और जबतक सीरियन आर्मी इस इलाके को खली नहीं करा लेती ऑपरेशन जारी रहेगा क्योंकि दमिश्क़ के सात मिलियन लोगो को यही से पानी सप्लाई किया जाता है।