ईरानी विदेशमंत्री जवाद ज़रीफ़ ने कहा है कि अमरीका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने अगर जेसीपीओए समझौते को नज़रअंदाज़ किया तो उन्हें सख़्त झटका लगेगा।
उन्होंने बुधवार को स्वीज़रलैंड के डेवोस शहर में विश्व आर्थिक मंच की बैठक में कहा कि अगर ट्रम्प, ईरान और गुट पांच धन एक के बीच हुए परमाणु समझौते के बारे में फिर से वार्ता करना चाहेंगे तो उन्हें सख़्त झटका लगेगा।
जवाद ज़रीफ़ ने कहा कि ईरान ने ट्रम्प सरकार के संबंध में धैर्य व इंतेज़ार की नीति अपनायी है, इसलिए अभी कुछ नहीं कहा जा सकता।
उन्होंने न्यूज़ एजेंसी असोशिएटेड प्रेस के एक सवाल के जवाब में कहा कि अगर ट्रम्प परमाणु समझौते को नज़रअंदाज़ कर देंगे तो इससे कोई क़यामत नहीं आ जाएगी।
ईरानी विदेशमंत्री ने इसी प्रकार जेसीपीओए की प्रतिबद्धताओं को पूरा न करने पर ओबामा सरकार कीआलोचना की। ग़ौरतलब है कि जेसीपीओए लागू होने के बावजूद ईरान के बैंकिंग क्षेत्र को विदेश से लेन-देन के क्षेत्र में समस्याओं का सामना है।
जवाद ज़रीफ़ ने ईरान में आगामी राष्ट्रपति पद के चुनाव के बारे में कहा कि यह बात अहम है कि ईरानी जनता को अपने भविष्य का फ़ैसला करने का अधिकार हासिल है। उन्होंने कहा कि यह चीज़ पश्चिम एशिया सहित दुनिया के लिए विशेष महत्व रखती है।
18 जनवरी 2017 - 16:01
समाचार कोड: 805732
ईरानी विदेशमंत्री जवाद ज़रीफ़ ने कहा है कि अमरीका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने अगर जेसीपीओए समझौते को नज़रअंदाज़ किया तो उन्हें सख़्त झटका लगेगा।