अहलेबैत (अ) न्यूज़ एजेंसी अबना: कनाडा के 30 वर्षीय जवान ''जानाटन क्लार्क'' ने ईरान के मशहद शहर में स्थित इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम के रौज़े में इस्लाम धर्म को स्वीकार कर लिया और कलमा पढ़ कर अपना नाम '' मुहम्मद '' रख लिया
'' मुहम्मद '' ने इस्लाम के बारे में अपनी जानकारी के संबंध में बताया कि कनाडा में पढ़ाई के दौरान मेरे एक ईरानी साथी ने मुझे अपने चरित्र और आचरण से इतना ज़्यादा प्रभावित किया कि मैं इस्लाम के बारे में रिसर्च करने पर मजबूर हो गया। और जब मैंने इस्लाम के बारे में अध्ययन किया तो मुझे इस्लाम ने अपनी ओर आकर्षित कर लिया।
उन्होंने बताया कि मेरे सहपाठी ने मुझे आसमानी किताब कुरान से परिचित कराया और फिर मैंने कुरान का पूरा अध्ययन किया तब मुझे पता चला कि यह किताब हर चीज़ के बारे में कितनी खूबसूरती और स्पष्टता से बातचीत करती है। इसके बाद मैंने इस्लाम के बारे में अन्य पुस्तकों का भी अध्ययन किया और मैंने मन में ठान लिया कि मैं मुसलमान हो जाऊंगा।
27 दिसंबर 2016 - 17:12
समाचार कोड: 801149
कनाडा के 30 वर्षीय जवान ''जानाटन क्लार्क'' ने ईरान के मशहद शहर में स्थित इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम के रौज़े में इस्लाम धर्म को स्वीकार कर लिया और कलमा पढ़ कर अपना नाम '' मुहम्मद '' रख लिया