3 दिसंबर 2016 - 18:13
आले सऊद अपनी सेना को यमन और बहरैन भेजने के बजाए बैतुल मुक़द्दस रवाना करे।

इराक़ के क्रांतिकारी धर्मगुरू मुक़तदा सद्र ने सऊदी सरकार से जन्नतुल बक़ी के पुनर्निर्माण और वहाबियत के मुक़ाबले में पैग़म्बरे इस्लाम के रौज़े के समर्थन की मांग की है। उन्होंने सऊदी अरक को नसीहत की है कि वह अपनी सेना को यमन और बहरैन भेजने के बजाए बैतुल मुक़द्दस रवाना करे।

इराक़ के क्रांतिकारी धर्मगुरू मुक़तदा सद्र ने सऊदी सरकार से जन्नतुल बक़ी के पुनर्निर्माण और वहाबियत के मुक़ाबले में पैग़म्बरे इस्लाम के रौज़े के समर्थन की मांग की है। उन्होंने सऊदी अरक को नसीहत की है कि वह अपनी सेना को यमन और बहरैन भेजने के बजाए बैतुल मुक़द्दस रवाना करे।
मुक़तदा सद्र ने शनिवार को एक संदेश में कहा है कि मैं सऊदी अरब की सरकार से मांग करता हूं कि वह चरमपंथी वहाबी विचारों के मुक़ाबले में पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम की क़ब्र का समर्थन करे और हम इस संबंध में हर प्रकार का सहयोग करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने इसी तरह कहा है कि हम मांग करते हैं जन्नतुल बक़ी के क़ब्रिस्तान की क़ब्रों विशेष कर पैग़म्बरे इस्लाम के परिजनों की क़ब्रों का पुनर्निर्माण किया जाए और इस संबंध में भी हम उनके साथ सहयोग के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
इराक़ की संसद में सद्र धड़े के प्रमुख ने इसी प्रकार कहा है कि हम सऊदी अरब की सरकार से मांग करते हैं वह अपनी सेना को यमन और बहरैन के बजाए बैतुल मुक़द्दस रवाना करे ताकि मुसलमानों के इस पवित्र स्थल को ज़ायोनियों के चंगुल से मुक्त कराया जा सके। उन्होंने कहा कि हम अपनी असंख्य समस्याओं और कठिनाइयों के बावजूद इस संबंध में भी सऊदी अरब से सहयोग के लिए तैयार हैं। मुक़तदा सद्र ने इसी तरह मिस्र की सरकार और अलअज़हर विश्वविद्यालय से भी मांग की है कि वे रासुल हुसैन मस्जिद को श्रद्धालुओं के लिए खोल दे। उन्होंने इस्लामी एकता को मज़बूत बनाने की अपील करते हुए कहा है कि हम इराक़ में नज़फ़, कर्बला, आज़मिया या अन्य क्षेत्रों में पवित्र स्थानों का समर्थन करते हैं और इसे अपने लिए गौरव मानते हैं।