ईरानी सशस्त्र बलों के चीफ़ ऑफ़ जनरल स्टाफ़ ने कहा है कि देश की विदेश व रक्षा नीतियां एक दूसरे का सहारा हैं।
ब्रिगेडियर जनरल हसन फ़ीरोज़ाबादी ने ईरान में राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले एक समारोह के अवसर पर कहा कि विदेश व रक्षा नीतियां एक दूसरे की पूरक हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिरक्षा की शक्ति एक प्रकार से वार्ताकारों का सहारा है और वार्ताकार हम में से ही हैं अतः हमारी शक्ति उनका सहारा है। ईरानी सेना के चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ ने कहा कि ऐसे चरण में जब वार्ता व तर्क ख़तरों को दूर सकते हों तो सैन्य शक्ति की उपस्थिति की आवश्यकता नहीं है और इस चरण में हम समय व अवसर से लाभ उठा कर स्वयं को अधिक सुदृढ़ बनाएंगे।
मेजर जनरल हसन फ़ीरोज़ाबादी ने कहा कि जब एक विदेश मंत्री इस सहारे से अवगत हो तो वह अधिक सुदृढ़ता से बात करेगा।
30 अप्रैल 2015 - 16:30
समाचार कोड: 687584
ईरानी सशस्त्र बलों के चीफ़ ऑफ़ जनरल स्टाफ़ ने कहा है कि देश की विदेश व रक्षा नीतियां एक दूसरे का सहारा हैं।