10 अप्रैल 2015 - 19:29
 इमाम जाफर सादिक़ (अ) की नसीहत

इमाम जाफर सादिक़ अलैहिस्सलाम फरमाते हैं हमारे दोस्तों में से उसका कोई मूल्य नहीं है जो धर्म के बारे में सोच -विचार नहीं करता। अगर हमारा कोई अनुयाई अपने धर्म में सोच- विचार न करे और धार्मिक आदेशों से अवगत न हो तो वह हमारे विरोधियों का मोहताज होगा और जब वह उनका मोहताज होगा तो वे उसे गुमराही की ओर ले जायेंगे जबकि उसे पता भी नहीं चलेगा”

इमाम जाफर सादिक़ अलैहिस्सलाम फरमाते हैं हमारे दोस्तों में से उसका कोई मूल्य नहीं है जो धर्म के बारे में सोच -विचार नहीं करता। अगर हमारा कोई अनुयाई अपने धर्म में सोच- विचार न करे और धार्मिक आदेशों से अवगत न हो तो वह हमारे विरोधियों का मोहताज होगा और जब वह उनका मोहताज होगा तो वे उसे गुमराही की ओर ले जायेंगे जबकि उसे पता भी नहीं चलेगा”