30 मार्च 2015 - 17:32
हौज़ ए इल्मिया क़ुम ने यमन पर सऊदी आक्रामकता की निंदा की।

हौज़-ए-इल्मिया क़ुम की कमेटी जामिया मुदर्रेसीन के बयान में कहा गया है कि इस संवेदनशील अवसर पर जब सीरिया और इराक़ जैसे इस्लामी देश तकफीरी आतंकवाद की आग में जल रहे हैं, यमन में सऊदी अरब के सैन्य हमले ने क्षेत्र के संकट को हवा दी है।

अबनाः रिपोर्ट के अनुसार हौज़-ए-इल्मिया क़ुम की कमेटी जामिया मुदर्रेसीन के बयान में कहा गया है कि इस संवेदनशील अवसर पर जब सीरिया और इराक़ जैसे इस्लामी देश तकफीरी आतंकवाद की आग में जल रहे हैं, यमन में सऊदी अरब के सैन्य हमले ने क्षेत्र के संकट को हवा दी है। इस बयान में क्षेत्र के देशों में इस्लामी जागरूकता की लहर में बढ़ोत्तरी की ओर इशारा करते हुए कहा गया है कि मज़लूम राष्ट्रों ने विश्व साम्राज्य और तानाशाही के दबाव से तंग आकर और वास्तविक मोहम्मदी इस्लाम की शिक्षाओं के आधार पर इस्लाम पसंदी और स्वतंत्रता का नारा बुलंद किया है।
हौज़-ए-इल्मिया क़ुम की कमेटी जामिया मुदर्रेसीन ने बयान में कहा है कि यमन में सऊदी अरब और उसके सहयोगियों की आक्रामकता इस देश के आंतरिक मामलों में खुला हस्तक्षेप है और इसे तुरंत बंद होना चाहिए ताकि यमन की जनता अपने देश के भविष्य के बारे में ख़ुद फैसला कर सके।