28 मार्च 2015 - 19:25
इमाम रेज़ा अ. की ज़ियारत का महत्व।

पैग़म्बरे इस्लाम (स) ने फ़रमाया: हमारे शरीर का एक टुकड़ा खुरासान में दफ्न होगा, कोई दुःखी और पापी उसकी ज़ियारत नहीं करेगा मगर यह कि अल्लाह उसके दुःख को दूर कर देगा”

पैग़म्बरे इस्लाम (स) ने फ़रमाया: हमारे शरीर का एक टुकड़ा खुरासान में दफ्न होगा, कोई दुःखी और पापी उसकी ज़ियारत नहीं करेगा मगर यह कि अल्लाह उसके दुःख को दूर कर देगा”