9 दिसंबर 2014 - 20:27
 आतंकवादियों से लड़ने के लिए सुन्नी क़बीलों को ईरानी हथियारों की ज़रूरत।

इराक़ के एक सुन्नी क़बीले का प्रतिनिधि मंडल आईएसआईएल का मुक़ाबला करने के उद्देश्य से शस्त्रों की सहायता के लिए ईरान की यात्रा करने वाला है।

इराक़ के एक सुन्नी क़बीले का प्रतिनिधि मंडल आईएसआईएल का मुक़ाबला करने के उद्देश्य से शस्त्रों की सहायता के लिए ईरान की यात्रा करने वाला है।
 इराक़ी संचार माध्यमों के अनुसार इस देश के सुन्नी क़बीलों का एक शिष्ट मंडल शेख़ हमीद अलहायेस के नेतृत्व में अगले कुछ दिनों में ईरान की यात्रा करने वाला है। शिष्टमंडल में अलअंबार प्रांत के क़बायली नेता शामिल हैं। शेख़ हमीद अलहायेस ने बताया कि यह शिष्टमंडल ईरान से आईएसआईएल के मुक़ाबले में इराक़ के पश्चिमी प्रांतों के सुन्नी क़बीलों की सहायता का अनुरोध करेगा। उन्होंने कहा कि शिष्ट मंडल ईरान में, इराक़ की अखंडता की रक्षा, आतंकी गुटों से संघर्ष के महत्व और सामरिक सहायता की प्राप्ति पर बल देगा।
 इस शिष्टमंडल ने तेहरान से पहले अमरीका की भी यात्रा की थी और कई अमरीकी अधिकारियों से मुलाक़ात की थी। इन मुलाक़ातों का उद्देश्य भी हथियारों की प्राप्ति के लिए अनुरोध करना था। इसके अतिरिक्त कुछ संचार माध्यमों ने बताया था कि इराक़ के सुन्नी क़बीलों के इस शिष्टमंडल की अमरीका यात्रा का एक उद्देश्य, कुर्दिस्तान की भांति इराक़ के केंद्र में उनके लिए भी एक फ़ेडरल क्षेत्र बनाने की मांग करना था।
 इस समय इराक़ी सेना के साथ शिया स्वयं सेवी, कुर्द मिलिशिया और सुन्नी क़बीलों के सशस्त्र लोग, आतंकी गुट आईएसआईएल से लड़ रहे हैं। ईरान इससे पहले भी इस आतंकी गुट से लड़ने वाली इराक़ी सेना, शिया स्वयं सेवियों और कुर्द मिलिशिया को सामरिक सहायता प्रदान कर चुका है। इराक़ के एक सुन्नी क़बायली छापामार कमांडर वेसाम अलहरदान ने कहा है कि हमें आईएसआईएल से लड़ने के लिए हथियारों की ज़रूरत है, चाहे वह ईरान से मिलें या अमरीका से। उन्होंने कहा कि इराक़ी सरकार, सुन्नी क़बीलों को शस्त्र प्रदान करने में सक्षम नहीं है, इस लिए एक क़बायली शिष्टमंडल ईरान जा रहा है ताकि उससे शस्त्र प्राप्त कर सके। इस समय हथियारों की प्राप्ति हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।