6 दिसंबर 2014 - 07:02
 अमरीका की साम्राज्यवादी पालिसियों का जानना स्टूडेन्ट्स के लिए ज़रूरी।

तेहरान की नमाज़े जुमा के इमाम ने कहा है कि अमरीका समेत राष्ट्र के शत्रुओं की साज़िशों पर पानी फेरने के लिए ज्ञान, अर्थव्यवस्था एवं राजनीति में प्रगति की ज़रूरत है।

तेहरान की नमाज़े जुमा के इमाम ने कहा है कि अमरीका समेत राष्ट्र के शत्रुओं की साज़िशों पर पानी फेरने के लिए ज्ञान, अर्थव्यवस्था एवं राजनीति में प्रगति की ज़रूरत है।
तेहरान की नमाज़े जुमा के ख़ुतबों में हुज्जतुल इस्लाम काज़िम सिद्दीक़ी ने 7 दिसम्बर को छात्र दिवस के अवसर पर कहा कि छात्रों के सामने अमरीका की साम्राज्यवादी नीतियों की वास्तविकताओं को सामने लाने की ज़रूरत है। उन्होंने उल्लेख किया कि अमरीका के ख़िलाफ़ जो नारा बुलन्द कर सकते हो करो और जो हथियार उठा सकते हो उठाओ।तेहरान की नमाज़े जुमा के इमाम ने कहा कि पश्चिम मानवाधिकार के विषय को विश्व को नष्ट करने के लिए हथकंडे के रूप में प्रयोग कर रहा है।काज़िम सिद्दीक़ी ने कहा कि मानवाधिकारों के हनन का अमरीका और यूरोप का पुराना इतिहास रहा है, और अमरीका ही वह देश है कि जिसने जापान के दो शहरों पर परमाणु बम गिराकर लाखों लोगों की जान ली थी और अब विभिन्न देशों में सैन्य तख़्तापलट द्वारा अपने लक्ष्यों को साध रहा है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र एवं विश्व में आतंकवाद से लड़ाई का अमरीका का दावा केवल एक बहाना है, क्योंकि आईएसआईएल जैसे आतंकवादी गुट अमरीका की ही देन हैं।